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तीखी हुई हरी मिर्च, नींबू के भी चढ़े भाव

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17 कैथल। सब्जी मंडी में सब्ग्जियां खरीदने पहुंचे ग्राहक। - फोटो : Kaithal
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कैथल। बारिश का असर सब्जियों के दामों पर दिखने लगा है। इससे किचेन का बजट गड़बड़ाने लगा है। हरी मिर्च जहां तीखी हो गई है वहीं नींबू पर भी महंगाई की मार पड़ी है। बरसात से पहले हरी मिर्च का भाव 50 रुपये प्रति किलो था। यह दोगुनी महंगी हो गई है। नींबू भी 80 से 120 रुपये प्रतिकिलो बिक रहा है। मटर का भाव 80 रुपये से 150 रुपये किलो हो गया है। अन्य सब्जियों में दाम में भी 10 से 30 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है।
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सब्जियों के भाव बढ़ने का मुख्य कारण स्थानीय सब्जियों का खराब होना है। खेत में लगी सब्जी की फसल बारिश की भेंट चढ़ गई। भाव में आए उछाल से हर वर्ग परेशान हैं। बीते तीन दिनों से लगातार हुई बरसात से सब्जी की खेती पर काफी प्रभाव पड़ा है। बरसात से खेतों में गोभी, टमाटर, हरी मिर्ची समेत कई हरी सब्जियों की फसल नष्ट हो गई। इसका असर कीमतों पर भी पड़ रहा है।
स्थानीय सब्जियों की आवक हुई कम
सब्जी के आढ़ती संजय ढूढेजा ने बताया कि बरसात की वजह से लोकल सब्जियों की आवक कम हो गई है। माल कम आने से मंडी में सब्जी महंगी कीमत पर मिलती है। इसका असर फुटकर व्यापार पर भी पड़ रहा है। नवरात्र पर्व आने, शादियों का सीजन शुरू होने व जागरण जैसे शुभ कार्य होने का भी काफी प्रभाव है। इनमें सब्जियों की अधिक लागत होती है। इस कारण से सब्जियों कीमतें बढ़ गई है।
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गृहिणी सुनीता ने बताया कि बरसात के बाद सब्जियों के दाम आसमान छू गए हैं। आम लोगों के लिए तो सब्जी खानी मुश्किल हो गई है। बरसात से पहले घीया 20 रुपये किलो थी, जो तीन दिन की बरसात के बाद ही 40 रुपये किलो हो गई है। बरसात ने सब्जियों पर दोगुना असर किया है। सब्जियों की दाम बढ़ने से आम लोगों की थाली से सब्जी गायब हो गई हैं।
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सब्जी पहले अब
टिंडा 30 50
मूली 20 30
टमाटर 30 50
नींबू 80 120
शुगर फ्री आलू 24 30
सामान्य आलू 16 24
मिर्च 50 100
घीया 20 30
पालक 20 40
गोभी 50 80
भिंडी 30 50
प्याज 25 30
लहसुन 30 50
अदरक 40 60
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