कैथल। ऑनर किलिंग के मामले में अनुसूचित जाति व जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत स्थापित विशेष अदालत ने स्टेट क्राइम ब्रांच के जांच अधिकारी सुनील कुमार के खिलाफ डीजीपी हरियाणा को प्रशासनिक जांच के आदेश दिए हैं।
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि डीएसपी सुनील कुमार के विरुद्ध जांच में जांच में आरोपी युवक की मां को बेकसूर साबित करने के लिए समय पर चालान पेश नहीं किया। इसमें एफआईआर दर्ज होने की तिथि के चार माह बाद भी चालान पेश नहीं करने के आरोप है।
गौरतलब है कि कैथल के एक दलित समुदाय के युवक ने, एक लड़की से प्रेम विवाह किया था। इससे नाराज लड़की के भाई ने अपनी बहन के ससुराल में घुसकर फायरिंग कर अपनी बहन की हत्या कर दी थी। उसकी सास, पति व ननद पर गोलियां चलाई थी। इसके बाद तत्कालीन राज्य सरकार की ओर से जांच स्टेट क्राइम ब्रांच के डीएसपी सुनील कुमार को सौंप दी थी। जिसके खिलाफ पीड़ित पक्ष ने खुलेआम आरोपियों की मदद करने के आरोप लगाए हैं। अदालत ने इन दोनों अधिकारियों को निर्देश दिया है कि एक माह के अंदर अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश करें।