संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। प्रदेश में वीरवार को नई सरकार का गठन हो चुका है। ऐसे में अब तक शहर की बची हुई कॉलोनियां जल्द ही वैध होंगी। अब कभी भी शेष 13 कॉलोनियों के वैध होने की सूची जल्द जारी हो सकती है।
उम्मीद है कि दिवाली के बाद कॉलोनियों को वैध करने की अधिसूचना सरकार की ओर से जारी की जा सकती है। आचार संहिता हटने के बाद अब कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार ने पिछले साल जुलाई में 20 कॉलोनियां वैध की। अब 13 कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया अंतिम चरण है। शहरी स्थानीय विभाग के मुख्यालय से अनुमति मिलने के बाद ये कॉलोनियां वैध हो जाएंगी। दरअसल, चुनाव आचार संहिता हटने के बाद अभी तक वैध हुई कॉलोनियों में निविदा सूचना जारी हो पाएगी। अभी वैध कॉलोनियों में जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से इन कॉलोनियों में करीब 50 करोड़ रुपये की राशि से पानी व सीवरेज की पाइपलाइन बिछाने का अनुमान है।
शहर की 20 कॉलोनियों को पिछले साल ही मिली है वैधता ः बीते वर्ष नगर परिषद की ओर से शहर की 33 अवैध कॉलोनियों में से 20 कॉलोनियों को वैध किया गया है। इनमें पंथ नगर, अमृतसरिया डेरा, शुगर मिल कॉलोनी पार्ट-2, रणधीर कॉलोनी फेस-1, डिफेंस कॉलोनी एक्सटेंशन-1, शहीद भगत सिंह कॉलोनी एक्सटेंशन, अर्जुन नगर एक्सटेंशन- 1, ऑक्सफोर्ड स्कूल कॉलोनी, शुगर मिल कॉलोनी पार्ट-3, शहीद भगत सिंह एक्सटेंशन फेस-2, जनकपुरी एक्सटेंशन-1, जनकपुरी एक्सटेंशन-3, जीवन राइस मिल के पीछे वाली कॉलोनी, हेरिटेज स्कूल के पास, मायापुरी कॉलोनी एक्सटेंशन, ओशाे पुरम विस्तार, सच कैंटीन के पीछे वाली कॉलोनी, ओशो पुरम, राधा स्वामी सत्संग भवन- 2 कॉलोनी के पास व कपिल नगर काॅलोनी शामिल हैं। अब इनमें पेयजल, सीवरेज लाइन बिछने से लोगों को राहत मिलेगी।
लाइनें बिछाने के लिए करवाया सर्वेक्षण
इसके साथ ही नई लाइनें बिछाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने इन कॉलोनियों में सर्वेक्षण करवाया है। इसके लिए एस्टीमेट बनाए जा रहे हैं। विभाग ने नए होने वाले कार्यों की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करवाई है। जल्द ही सर्वेक्षण से प्राप्त रिपोर्ट को मुख्यालय में भेजा जाएगा। जब तक आचार संहिता हटेगी, तब तक शहर में करोड़ों रुपये की लागत से होने वाले इस विकास कार्य को स्वीकृति मिलने का विभाग ने अनुमान लगाया है।
शहर में बची हुई 13 कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। सरकार ने पिछले साल जुलाई में 20 कॉलोनियां वैध की थी। बची हुई कॉलोनियों को वैध करने की प्रक्रिया अंतिम चरण है। शहरी स्थानीय विभाग के मुख्यालय से अनुमति मिलने के बाद यह कॉलोनियां वैध हो जाएंगी।
- कुलदीप मलिक, ईओ, नगर परिषद, कैथल।