कैथल। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने गांव सोलू माजरा में स्थित गेहूं के भंडारण के लिए बनाए गए साइलोज को वर्ष 2014-15 के लिए विशेष मंडी का दर्जा दिया है।
जिसमें अब किसान सीधा गेहूं ले जाकर बेच सकेंगे। यहां पर आढ़तियों के माध्यम से भी खरीद हो सकेगी। इस बारे में अभी विभागीय प्रक्रिया चल रही है। लेकिन उम्मीद है कि यह योजना भी शुरू हो जाएगी। जिससे ढांड, पूंडरी और कैथल जिले के किसानों को लाभ मिलेगा।
डेढ़ लाख एमटी भंडारण की क्षमता
अदानी ग्रुप एवं एफसीआई द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किए गए इन साइलोज में सवा दो लाख एमटी गेहूं के भंडारण की क्षमता है। वर्ष 2008 में शुरू होने के बाद से लेकर पिछले कई साल से ये साइलोज खाली नहीं हो पा रहे थे। इनमें पिछले सालों का गेहूं भंडारित किया गया था। लेकिन इस बार ये साइलोज लगभग खाली हैं। यहां करीब डेढ़ लाख एमटी गेहूं के भंडारण के लिए जगह खाली है। जबकि पूरे जिले की मंडियों में आठ लाख एमटी की क्षमता है।
पंद्रह मिनट में यहां खाली हो जाती एक ट्राली
यहां गेहूं लेकर आने वाले किसानों को ज्यादा परेशानी नहीं होती। केवल पंद्रह मिनट में ट्राली खाली हो जाती है तथा किसानों को नकद भुगतान मिल जाता है। जबकि अनाज मंडियों में किसानों को गेहूं बेचने के लिए बोली के लिए अधिकारियों का इंतजार करना पड़ता है। मंडियों में अपने गेहूं की रखवाली करनी पड़ती है। कई बार चोरी होने, तोल और दूसरी में भी किसानाें को गड़बड़ी की आशंका रहती है। ऐसे में यहां बिना हाथ से स्पर्श किए गेहूं सीधा बिना बोरियों के भंडारण के लिए बड़े-बड़े साइलोज में चला जाता है। वहीं से इसे ऑटोमेटिक प्रक्रिया से सीधा बोगियों में भरकर गंतव्य स्थान तक पहुंचा दिया जाता है।
गेहूं लाने वाले किसानों को सीधा भुगतान : डीएफएससी
डीएफएससी सुरेंद्र सैनी ने बताया कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने सोलू माजरा साइलोज को इस सीजन के लिए मंडी का दर्जा दे दिया गया है। यहां जो किसान गेहूं लेकर पहुंचेगा, उसे नकद भुगतान मिल जाएगा। वह भी काफी कम समय में। यहां सीधा फसल लाए जाने पर बारदानें की भी बचत होगी।
इस बार साइलोज में करीब डेढ़ लाख एमटी गेहूं के भंडारण की क्षमता है। उन्होंने बताया कि किसान यहां सीधा गेहूं लाकर बेच सकते हैं। वहीं यहीं पर आढ़तियों के माध्यम से गेहूं बेचे जाने की प्रक्रिया पर विचार चल रहा है। शीघ्र ही इस संबंध में निर्देश मिल सकते हैं।