कैथल। खेल एवं युवा मामलों के मंत्री संदीप सिंह से बेटे की मौत के मामले में एक बेबस पिता ने पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने की शिकायत की। इस मामले में एफआईआर की प्रति न होने पर मंत्री भड़क उठे और एसपी से पूछा कि एसपी साहब कैसे चलेगा? लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कीजिए। बैठक में 16 शिकायतों में से तीन पुरानी व 13 नई थी। इनमें से चार का निपटारा किया गया।
खेल मंत्री सोमवार को लघु सचिवालय में आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक में लोगों की शिकायतें सुन रहे थे। इसी दौरान दुसैण निवासी पवन कुमार ने बेटे की मौत के मामले में कार्रवाई न होने की शिकायत पर एसएचओ शिव कुमार के पास मामले में एफआईआर की प्रति न होने पर मंत्री भड़क उठे और एसपी से पूछा कि एसपी साहब कैसे चलेगा? लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई कीजिए। इस पर एसपी ने पूरी कार्रवाई की जानकारी दी।
बैठक में खेल मंत्री ने खेड़ी रायवाली निवासी महिला कैलाश कौर की शिकायत सुनी। शिकायत के अनुसार उसके नाबालिग बेेटे पर गांव की लड़की से छेड़छाड़ करने का झूठा आरोप कई लोगों ने लगाया था। जिसमें उसके पति को प्रताड़ित किया गया। इस प्रताड़ना से तंग आकर उसके पति ने आत्महत्या कर ली। बाद में उसके बेटे के खिलाफ झूठा मामला दर्ज करवा दिया गया। इस मामले में डीएसपी ने बताया कि महिला जिस मामले का जिक्र कर रही है, उसमें आईजी कार्यालय से एसआईटी का गठन किया गया है। जब मंत्री ने उनसे पूछा कि मामले की एफआईआर कॉपी दिखाइए तो डीएसपी के पास वह नहीं मिली। यही नहीं डीएसपी घटना की तिथियों के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाए। इस पर खेल मंत्री ने न केवल डीएसपी को ताकीद किया कि आप भरी सभा में झूठ न बोलें, बल्कि सभी अधिकारियों को हिदायत दी कि बैठक में समय से पहुंचें, जो जिम्मेवारी दी जाए, उसे निर्धारित अवधि में पूरा किया जाए। इसके बाद इस मामले में खेल मंत्री ने तत्कालीन एसएचओ और जांच में देरी करने वाले तत्कालीन जांच अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच करते हुए डीजीपी को भेजने के निर्देश एसपी कैथल को जारी किए।
इसी प्रकार से अटैला निवासी जयकिशन ने अपने बेटे की गुमशुदगी मामले को बार-बार बंद किए जाने की शिकायत की। इसके बाद मंत्री ने 15 दिनों में इसकी जांच करके रिपोर्ट देने के लिए एसपी को निर्देश जारी किए। राजौंद निवासी राममेहर की बस शेल्टर बनाने की मांग पर मंत्री ने जीएम रोडवेज व पीडब्ल्यूडी विभाग को निर्देश दिए कि दोनों विभाग मामले में सहमति कर बस शेल्टर बनाने का काम करें।
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में विधायक लीला राम, बीजेपी जिलाध्यक्ष अशोक गुर्जर, जेजेपी जिलाध्यक्ष धूप सिंह माजरा, मुनीष कठवाड़, आदित्य भारद्वाज, शक्ति सौदा, बलविंद्र के अलावा जिला प्रशासन की ओर से डीसी डॉ. संगीता तेतरवाल, एसपी मकसूद अहमद, एडीसी डॉ. बलप्रीत सिंह, डीएमसी कुलधीर सिंह, एसडीएम संजय कुमार, रोहित कुमार व सुशील कुमार, सीटीएम गुलजार अहमद, अधीक्षक अभियंता कशिक मान, केएस पठानिया, सतपाल सिंह, प्रशांत, गौरव कंसल, अरविंद रोहिला, डीआईपीआरओ धर्मवीर सिंह, डीडीए डॉ. कर्मचंद, डीडीपीओ कंवर दमन, डीएसडब्ल्यूओ कुलदीप शर्मा, डीआईओ दीपक खुराना, डॉ. रेनू चावला के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
मंत्री बोले-निर्धारित अवधि में करें शिकायतों का निवारण
कैथल। खेल मंत्री ने कष्ट निवारण समिति की बैठक में बारीकी से एक-एक शिकायत को सुना। उन्होंने सभी शिकायतों में समय अवधि निर्धारित करते हुए इनके निपटान के निर्देश दिए। पुरानी शिकायतों में मूंदड़ी निवासी शेर सिंह की अवैध कब्जे की शिकायत पर मंत्री ने एसडीएम संजय कुमार को निर्देश दिए कि दोनों पक्षों से बातचीत कर मामले को निपटाएं। इसी प्रकार से गांव कमालपुर में श्मशान भूमि के विवाद पर डीसी को निर्देश दिए कि वे दोनों पक्षों व स्थानीय विधायक की मौजूदगी में मामले का निपटान करें।
महिला ने परिजनों से सुरक्षा की मांग की
पूंडरी निवासी एक महिला ने कहा कि उसने प्रेम विवाह किया है। उसके परिजनों ने उसके पति व ससुर पर पहले हमला किया है। उसे अभी भी खतरा है। मंत्री ने एसपी को निर्देश दिए कि महिला थाना प्रभारी को बुलाकर मामले की सुनवाई की जाए। जरूरत हो तो इन्हें सुरक्षा दी जाए।
जब तक मौका मिलेगा, तब तक करेंगे सेवा
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में हरियाणा मंत्रिमंडल में फेरबदल के दौरान उन्हें पद से हटाने की चर्चा से संबंधित सवाल पर खेल एवं युवा मामलों के मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि जब तक उन्हें सेवा का मौका दिया जाएगा, तब तक वह सेवा करेंगे।