संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/राजौंद/सीवन। मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। मंगलवार को पूरे दिन आसमान पर बादल छाए रहे, लेकिन शाम तक भी बारिश नहीं हुई। दूसरी ओर राजौंद में सोमवार की रात हुई एक घंटे हुए मूसलाधार बारिश से ज्यादातर इलाकों में जलभराव हो गया।
बादलों की आवाजाही के बावजूद उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। चिपचिपाहट और अधिक पसीने के कारण आमजन को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
मंगलवार को बारिश की संभावना जताई गई थी, लेकिन दिनभर इंतज़ार के बाद भी एक बूंद पानी नहीं गिरा। हालांकि सोमवार देर रात को हुई हल्की बारिश से कुछ राहत जरूर मिली थी, जिससे रात का तापमान गिरा और ठंडी हवाओं ने लोगों को सुकून दिया।
बारिश के कारण शहर के कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली, जिससे लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक डॉ. रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि मंगलवार को अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गर्मी से बचाव के लिए लोग शीतल पेय, नींबू पानी, जूस आदि का सेवन करते दिखाई दिए। डॉ. वर्मा ने जानकारी दी कि आगामी 29 जून से जिले में मानसून के सक्रिय होने की पूरी संभावना है। इसके बाद मौसम में लगातार बदलाव के साथ नियमित बारिश की संभावना बनी रहेगी।
उधर, राजौंद में सोमवार रात को एक घंटे तक चली मूसलाधार बारिश के बाद राजौंद के अधिकांश इलाकों में जलभराव हो गया। तेज बारिश ने प्रशासन के जलनिकासी के दावे फेल साबित कर दिए।
शहर की तंग गलियों और मुख्य मार्गों पर खड़े पानी ने आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया। कई लोग पानी में फंसकर बीच रास्ते में रुकने को मजबूर हुए, जिससे उन्हें घर या दफ्तर पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से जल्द नालों की सफाई और जलनिकासी के स्थायी इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की परेशानी न आए।
किसानों की निगाहें आसमान पर
सीवन नगर और आस-पास के क्षेत्रों में बीते दो दिनों से बादलों की आवाजाही बनी हुई है, लेकिन अब तक एक बूंद भी बारिश नहीं हुई। मौसम कभी-कभार सुहावना जरूर हो जाता है, मगर दोपहर होते-होते चिलचिलाती गर्मी फिर से दस्तक दे देती है। इससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश की कमी ने गर्मी से राहत की उम्मीदों को फिलहाल निराशा में बदल दिया है। हालांकि, नगर से सटे कुछ ग्रामीण इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई है, जिससे वहां के तापमान में मामूली गिरावट आई है। मगर शहरी क्षेत्र के लोग अब भी राहत की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह और शाम के समय बादलों के कारण मौसम कुछ समय के लिए ठंडा जरूर हो जाता है, लेकिन दोपहर में गर्म हवाओं के कारण तापमान फिर तेजी से बढ़ जाता है।
सबसे ज्यादा चिंता किसानों को सता रही है। क्षेत्र के अधिकांश किसान धान की बुवाई के लिए मानसून पर निर्भर हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो बुवाई में देरी होगी, जिससे फसल के उत्पादन पर विपरीत असर पड़ सकता है।
मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार आगामी 48 घंटों के भीतर बारिश की संभावना बनी हुई है, लेकिन हवाओं की दिशा और बादलों की गति में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।