कलायत। कैथल में सम्राट मिहिर भोज प्रतिमा अनावरण के विरोध में कलायत में राजपूत समाज के धरने पर शनिवार को गांव अरडाना जिला करनाल के प्रतिनिधि भूख हड़ताल पर बैठे। धरने में हरको बैंक के चेयरमैन व सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष ठाकुर हुकम सिंह भाटी भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनके लिए समाज पहले और राजनीति बाद में है।
बीर बांगडा व राहड़ा गांव से भी समाज के प्रतिनिधि धरने में शामिल हुए। इस मौके पर जयदीप राणा व संजीव राणा ने पूरे विषय को भाटी के सामने रखा और पांच मांगों के पूरा होने तक धरने व प्रदर्शन की बात को दोहराया। जयदीप राणा ने कहा कि राजपूत समाज की मांग है कि 19 जुलाई को शांति पूर्वक ढंग से अपना रोष प्रकट कर रहे राजपूत समाज के नव युवकों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले फेंकने, नाजायज हिरासत में रखने वाले पुलिसकर्मियों, उन्हें आदेश देने वाले डीसपी, ड्यूटी मजिस्ट्रेट के खिलाफ केस दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। कैथल के भाजपा जिला अध्यक्ष अशोक गुर्जर और स्थानीय विधायक के खिलाफ केस दर्ज की कड़ी कार्रवाई की जाए।
इसके अलावा भविष्य में हमारे इतिहास के साथ छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए। किसी भी महापुरुष के सामने उसकी जाति न लिखी जाए। क्षत्रिय आयोग का गठन होना चाहिए। चौक पर लिखा गुर्जर शब्द को हटाया जाए।
उन्होंने कहा कि जब ये मांगें पूरी नहीं होती तब तक राजपूत समाज का धरना जारी रहेगा। ठाकुर हुकुम सिंह भाटी ने कहा कि उनके लिए समाज पहले और राजनीति बाद में है इसलिए वे आंदोलन का हिस्सा हैं। भाटी ने कहा कि समाज के कारण वे भाजपा सरकार में इस ओहदे पर हैं। उन्होंने कहा कि सम्राट मिहिर भोज जैसे महान पुरुषों को जाति के नाम पर बांटना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि वे मुद्दे पर मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष से बातचीत करेंगे। उनका प्रयास रहेगा कि इस मामले समाधान हो। उन्होंने राजपूत और गुर्जर समाज के प्रतिनिधियों से आपसी तालमेल बनाने की अपील की। संजीव राणा ने कहा कि इस मामले को लेकर 18 सितंबर को कैथल में महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए टीमें हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश व दिल्ली में जनसंपर्क कर रही हैं। धरने में रविवार को प्रदेश भर के प्रतिनिधि पहुंचेंगे और महाकुंभ को लेकर रणनीति का निर्धारण करेंगे।