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Kaithal News: राइस मिलों के धुएं और राख से वार्ड-12 के लोगों का जीना दुश्वार

Fri, 02 Jan 2026 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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01kht_3_गुहला-चीका -फैक्ट्री से निकला हुआ गंदा पानी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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गुहला-चीका। गांव खुशहाल माजरा और सदरहेड़ी के बाद अब राइस मिलों से उड़ने वाली राख, धुएं और प्रदूषण से परेशान शहर के वार्ड नंबर-12, खरौदी रोड के निवासियों ने भी नाराजगी जताई है। आक्रोशित वार्डवासियों ने राइस मिलों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए चेतावनी दी है कि यदि चिमनियों से उड़ने वाली राख और प्रदूषण से निजात नहीं मिली तो एक सप्ताह बाद वे दोबारा सड़कों पर उतरेंगे।

वार्डवासियों का कहना है कि खरौदी रोड के समीप करीब 20 राइस मिलें स्थापित हैं, जिनसे निकलने वाले धुएं, राख और केमिकल युक्त गंदे पानी के कारण उनका जीवन नारकीय हो गया है। मिलों की चिमनियों से उड़ने वाली राख खेतों, घरों और सड़कों पर फैल रही है, जिससे खेती बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
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नाराज लोगों ने आरोप लगाया कि इस प्रदूषण के कारण क्षेत्र में कैंसर, काला पीलिया, खुजली, टीवी जैसी गंभीर बीमारियां फैल रही हैं और बड़ी संख्या में लोगों की आंखों की रोशनी कमजोर हो रही है। कई मरीज आंखों के इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ तक जाने को मजबूर हैं।

स्थानीय लोगों ने बताया कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद मिल संचालक बेधड़क होकर केमिकल युक्त पानी खुले खेतों में छोड़ रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित विभागों की मिलीभगत के चलते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसी कारण मिल संचालक नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं। प्रदूषण का सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों और पशुओं पर पड़ रहा है। कई बच्चे त्वचा रोगों से ग्रसित हैं, वहीं मवेशी केमिकल युक्त पानी पीने से बीमार हो रहे हैं।



ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन और स्थानीय विधायक से गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। यहां तक कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को दी गई शिकायतों के बाद केवल औपचारिक जांच कर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। लोगों ने बताया कि राइस मिलों के बॉयलर की राख चिमनियों के माध्यम से उड़ रही है, जबकि इसे नियंत्रित करने के लिए मिलों में लगाए गए संयंत्रों को नियमित रूप से चलाना अनिवार्य है, जो संचालकों द्वारा नहीं किया जा रहा। कपड़े सुखाना तक मुश्किल है।

उच्च न्यायालय जाने की तैयारी में ग्रामीण ः नरेश कुमार, सुरेश कुमार, भोलू, गुरमीत सिंह, रोहतास और विक्की कुमार ने प्रशासन से मांग की कि राइस मिलों से उड़ने वाली राख और गंदे पानी पर तुरंत रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि सदरहेड़ी, खुशहाल माजरा, डेरा भाग सिंह, नंदगढ़ सहित खरौदी रोड और पिहेवा रोड क्षेत्र में भी यही हालात हैं। इन इलाकों में करीब 124 राइस मिलें संचालित हैं, लेकिन जिला प्रशासन ने अब तक उनकी सुनवाई नहीं की।
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वार्डवासी राइस मिलों के व्यवसाय के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन मिल संचालकों को राख और गंदे पानी के उचित प्रबंधन की व्यवस्था करनी होगी। -हरीश, वार्ड नंबर-12 के पार्षद

01kht_3_गुहला-चीका -फैक्ट्री से निकला हुआ गंदा पानी।

01kht_3_गुहला-चीका -फैक्ट्री से निकला हुआ गंदा पानी।

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