संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। खंड सीवन के गांव पोलड़ से गुजर रही ड्रेन में रसायन युक्त दूषित जल बहने से आसपास का वातावरण बदबूदार हो रहा है। ड्रेन के किनारे पर बसे गांव प्रेमपुरा, कवारतन, ककराला, पोलड, सोथा, चक्कुलदाना के लोगों ने कई बार इसे बंद करवाने की प्रशासन व सरकार से कई गुहार लगाई पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है।
गौरतलब है कि जब सरस्वती बोर्ड का गठन हुआ था और सरस्वती नदी के जीर्णोंद्धार की बात हुई तो लगा था कि अब इन गांवों के लोगों के दिन भी बदलेंगे और साथ ही सरस्वती नदी के दिन भी बदलेंगे। परंतु अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है।
गांव पोलड़ के पूर्व सरपंच प्रतिनिधि जगदीप सिंह व गांव सौथा के पूर्व सरपंच सतीश कुमार ने बताया कि ड्रेन में बहुत ही गंदा व बदबूदार पानी आ रहा है जोकि फैक्ट्रियों का है। इस पानी के कारण गांव में चर्म रोग हो रहे हैं। उनके गांव ड्रेन के किनारे पर बसे हुए हैं। बदबू इतनी रहती है वहां से गुजरना मुश्किल हो जाता है। बताया कि इस ड्रेन में पेहवा, शाहबाद में लगी फैक्ट्रियों का रसायन युक्त पानी डाला जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पोलड़ गांव में मां सरस्वती का मंदिर एवं तीर्थ है। घाट पर अलग से होज बना कर उसमें पानी डाला गया है ताकि श्रद्धालु जन उसमें नहा सके। पुराने समय में जब इस ड्रेन सरस्वती का पानी साफ चलता था और पोलड़ गांव में साल में दो बार बड़े भारी मेले लगते थे। जो इतिहास की बातें बन कर रह गई है।
उन्होंने कहा कि अब तो सरस्वती नदी में पीछे से जलकुंभी आ गई है और इसके कारण से नदी में वही जलकुंभी ही दिखाई पड़ रही है। पूर्व सरपंच लदाना चक्कू गुरनाम सिंह, पोलड़ से सतीश वर्मा, सुनील कुमार, जगरूप सिंह, सौथा से महिंद्र राणा, राज कुमार राणा ने मांग की है कि सरस्वती ड्रेन में चल रहे इस रसायन युक्त इस गंदे पानी को तुरंत बंद करवाया जाए।