संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर के ड्रीम प्रोजेक्ट 'सिटी स्क्वेयर' का निर्माण कार्य करीब एक साल बाद फिर शुरू हो गया है। इसके पूरा होने के बाद शहरवासियों को सभी बैंकों और बाजार की सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही पार्किंग की समस्या का भी समाधान हो सकेगा, लेकिन इसके लिए अभी लंबा इंतजार करना होगा। फिलहाल वर्ष 2024 में दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन अब तक चले कार्य की सुस्त रफ्तार को देखते हुए इसकी उम्मीद कम ही नजर आ रही है।
पुराना बस स्टैंड पर सिटी स्क्वेयर के निर्माण का कार्य वर्ष 2107 में शुरू हुआ था, लेकिन छह साल बीतने के बाद अभी 40 प्रतिशत कार्य पूरा हो सका है। इसका कारण जिम्मेदार एजेंसियों और अधिकारियों की हीलाहवाली रही है। इससे पहले निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप लगने के कारण कार्य रुक गया था। एक साल बाद नगर परिषद ने संबंधित एजेंसी के ठेकेदार को जुर्माना लगाने का नोटिस दिया तो फिर से कार्य शुरू किया गया है। नगर परिषद की ओर से इसके निर्माण के लिए 52 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया था, जिसमें से करीब 23 करोड़ रुपये की राशि जारी हो चुकी है।
शहरवासियों को यह मिलेगा फायदा
सिटी स्क्वेयर निर्माण के बाद 30 बैंकों की शाखाएं यहां संचालित हो सकेंगी। इसके साथ ही बैंकों के एटीएम भी यहां उपलब्ध हो सकेंगे। एक स्थान पर बैंक आने से सुरक्षा की दृष्टि से भी उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। वहीं, शहर की सबसे बड़ी समस्या सड़कों पर अतिक्रमण से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। कारण कि सिटी स्क्वेयर में बहुमंजिला पार्किंग की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। यह सिटी स्क्वेयर 43 कनाल 10 मरले में तैयार हो रहा है, जिसमें बहु मंजिला पार्किंग के साथ ही एक पार्क विद म्यूजिकल फाउंटेन भी बनाया जाएगा।
नगर परिषद कैथल के कार्यकारी अधिकारी कुलदीप मलिक का कहना है कि एजेंसी के ठेकेदार को काम शुरू न करने पर जुर्माना करने का नोटिस दिया गया था। इसके बाद उसने अब कार्य शुरू किया है। अभी सिटी स्क्वेयर का करीब 40 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद शहर के लोगों को काफी राहत मिलेगी।
नप अध्यक्ष समेत 11 दर्ज हुआ था भ्रष्टाचार का केस
नगर परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष समेत 11 पर दर्ज हुआ था भ्रष्टाचार का केसवर्ष 2018 के फरवरी में ड्रीम प्रोजेक्ट सिटी स्क्वेयर में बिल्डर को नियमों के खिलाफ करोड़ों रुपये का फायदा पहुंचाने के मामले में नगर परिषद तत्कालीन अध्यक्ष सहित 11 अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इस मामले में सीएम फ्लाइंग अंबाला के डीएसपी सिद्धार्थ ढांडा की शिकायत पर शहर थाने में तत्कालीन अध्यक्ष, नगर परिषद के तत्कालीन ईओ, सचिव, चार एमई, तीन जेई और बिल्डर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था। आरोप था कि सिटी स्क्वेयर में पाइल टेस्टिंग, नियमों में बदलाव, बिल्डर को गलत तरीके से लाभ पहुंचाने में भ्रष्टाचार किया गया है, लेकिन अभी तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
39 से बढ़कर 52 करोड़ पहुंची निर्माण की राशि
सिटी स्क्वेयर का कार्य वर्ष 2017 के अंत में एमएस गर्ग एंड कंपनी की तरफ से शुरू किया गया था। उस समय इस प्रोजेक्ट का निर्माण के लिए करीब 39 करोड़ रुपये की राशि तय थी, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 52 करोड़ रुपये कर दिया गया था। इस प्रोजेक्ट को 2020 में शुरू किया जाना था, लेकिन इसे बढ़ाकर 31 दिसंबर 2023 कर दिया गया था। यही कारण है कि अब नगर परिषद की ओर नोटिस के बाद दोबारा से काम शुरू किया गया है। इससे पहले काम बंद होने पर नगर परिषद अब तक एजेंसी पर सवा पांच करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगा चुकी है। वहीं आठ बार नोटिस भी दिया जा चुका है।