संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। सोलू माजरा गांव में पानी निकासी की समस्या से नाराज ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन के खिलाफ सोमवार को नारेबाजी कर अपना रोष प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने बताया कि यह उनकी समस्या लगभग 10 वर्षों से चली आ रही है। ग्रामीण अनीता देवी, नीलम देवी, सुदेश, सीतो देवी, निर्मला देवी, नेहा रानी, जसपाल, धूलिया राम, जगदीश चंद, राजेंद्र कुमार व नवीन कुमार ने बताया कि गांव सोलूमाजरा में वाल्मीकि बस्ती की पानी निकासी की समस्या पिछले 10 वर्षों से बनी हुई है। इसके बारे में उन्होंने पूर्व विधायक, मौजूदा विधायक गांव के सरपंच व जिला प्रशासन के सभी अधिकारियों को इसके बारे में अवगत करवाया जा चुका है लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि पिछले काफी दिनों से गलियां पानी से लबालब भरी हुई है। जैसे ही ग्रामीण अपने घर से बाहर निकलते हैं तो पांव पानी में ही रखना पड़ता है। इसके कारण उन्होंने बीमार होने का डर सता रहा है।
उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल जाने के लिए घर से लेकर बाहर मुख्य सड़क तक छोड़नेे और लेकर आना पड़ता है। सभी के घरों में मक्खी, मच्छरों की भरमार बनी हुई है, जिससे कि बीमारी के साए में जीना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रदेश की भाजपा की गठबंधन सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा का नारा है सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास लेकिन गांव सोलूमाजरा में यह नारा बिल्कुल ही उल्टा हो रहा है क्योंकि न तो सरकार और न ही जिला प्रशासन ग्रामीणों की इस समस्या का समाधान नहीं करवा रहा, तो फिर सबका विकास कैसे हो रहा है।
वाल्मीकि समुदाय के लोगों ने जिला उपायुक्त से मांग की है कि एक बार हमारी वाल्मीकि बस्ती का दौरा आवश्यक करें, तब समस्या समझ सकेंगे। ग्रामीणों ने अल्टीमेट देते हुए कहा कि अगर हमारी पानी निकासी की समस्या को नहीं खत्म किया तो हम कैथल-कुरुक्षेत्र मुख्य मार्ग को बंद करने पर मजबूर होंगे।
खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी अनु टोंक ने कहा कि अभी जेनरेटर लगा दिया है और कुछ ही दिनों में जैसे ही धान की फसल कट जाएगी, तो इसके लिए और प्रबंध करने का काम करेंगे ताकि ग्रामीणों को पानी निकासी की समस्या न हो।