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Kaithal News: पुराने वस्त्र संग्रह के लिए छह स्थान तय, सभी स्थानों पर रखे गए बॉक्स

Wed, 15 Jul 2026 06:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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वस्त्र दान अभियान शुभारंभ करते डीसी। प्रवक्ता
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कैथल। डीसी अपराजिता ने वस्त्र दान अभियान का मंगलवार सुबह लघु सचिवालय से शुभारंभ किया। इस दाैरान डीसी ने लोगों की ओर से घरों में बिना उपयोग के रखे हुए कपड़ों, कटे-फटे कपड़ों को एकत्रित करने के लिए रखे गए बॉक्स में कपड़े दान कर यह अभियान शुरू किया। अभियान के तहत जिले में छह स्थानों पर ऐसे विशेष बॉक्स रखे गए हैं। जिनमें लोग अपने ऐसे कपड़े दान कर सकते हैं, जिन्हें वे उपयोग नहीं कर रहे या फिर ऐसे कपड़े, जो घरों में कटे-फटे पड़े हुए हैं।
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डीसी ने लोगों से अपील की है कि लोग ऐसे कपड़े निर्धारित स्थानों पर रखे बॉक्स में दान करें। नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग की अगुवाई में कई पार्षदों ने भी इस अभियान के तहत कपड़े दान कर इसमें योगदान दिया। डीसी ने कहा कि अभियान की शुरुआत की है, ताकि उपयोग योग्य पुराने कपड़े जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाए जा सकें तथा अनुपयोगी वस्त्रों का री-साइक्लिंग कर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दिया जा सके। इस अवसर पर डीएमसी कपिल शर्मा, एसडीएम संजय कुमार, रिस्पन से प्रोजेक्ट निदेशक डॉ. अजय गर्ग, लायंश क्लब सैंटर्ल से डॉ. प्रवेश बंसल मौजूद रहे।
डीसी ने कहा कि समाज और पर्यावरण के प्रति हमारी छोटी-छोटी पहल भी बड़े बदलाव का माध्यम बन सकती है। घरों में रखे ऐसे कपड़े, जिनका उपयोग नहीं हो रहा है, उन्हें दान कर जरूरतमंद लोगों की सहायता की जा सकती है। वहीं, जो कपड़े उपयोग योग्य नहीं हैं, उन्हें फैक्टरी में भेजकर रि-साइकिल किया जाएगा, जिससे फाइबर तैयार होगा और वस्त्र अपशिष्ट में कमी आने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें। कटे-फटे कपड़ों को इधर-उधर न फेंके, बल्कि इन बॉक्स में डालें।
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शहर में छह स्थानों पर लगाए गए वस्त्र संग्रह पात्र
उपायुक्त अपराजिता ने बताया कि पुराने वस्त्र एकत्रित करने के लिए शहर में छह स्थान निर्धारित किए गए हैं। इनमें लघु सचिवालय स्थित सरल केंद्र, नगर आयुक्त कार्यालय, नगर परिषद भवन, आईटीआई परिसर, ग्यारह रुद्री मंदिर तथा माता गेट शामिल हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इन स्थानों पर पहुंचकर अपने पुराने वस्त्र दान करें और इस जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान को सफल बनाने में सहयोग दें। संवाद
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