सीवन। क्षेत्र के खरबूजे की खुशबू और मिठास सीवन के नाम का डंका चहुंओर बजा रही है। यहां पर बहुतायत में खरबूजे की खेती की जाती है। यहां की जलवायु और यहां की मिट्टी खरबूजे की फसल के अनुरूप है। यहां का खरबूजा हरियाणा प्रदेश के साथ साथ दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश की मंडियों की मांग को पूरा कर रहा है।
सीवन, फिरोजपुर, गोबिन्दपुरा, खेड़ी गुलाम अली, रसूलपुर, मलिकपुर आदि गांवों में किसान खास तौर पर खरबूजे की काश्त करते हैं। खरबूजे की सौंधी खुशबू व मिठास ने दूर दूर तक सीवन का नाम ऊंचा किया है।
नई तकनीक से अच्छी किस्म के बीज व अनुकूल वातावरण होने के कारण खरबूजा अपनी प्राकृतिक मिठास के कारण ग्राहक को अपनी और आकर्षित करता है।
खेत में खड़े खरबूजे की फसल को खरीदता है व्यापारी ः सीवन का खरबूजा हरियाणा, पंजाब, चण्डीगढ़ व दिल्ली तक की मंडियों की मांग को पूरा करता है और वहां पर भी पसंद किया जाता है। व्यापारी तो किसानों से पूरे खेत का ठेका करते हैं और पूरा खेत ही खरीद लेते हैं। उसके बाद खरबूजे को तोडऩा, छटाई करना, पैक करना, माल की ढुलाई आदि सब व्यापारी का ही होता है। किसान को इसमें कोई मेहनत नहीं करनी पड़ती है। व्यापारियों का पूरा खरबूजा दूसरे प्रदेशों की मंडियों में ही भेजा जाता है।
मलचिंग विधि से खरबूजा ः प्रगतिशील किसान मलचिंग विधि से व अन्य नई तकनीक से खरबूजे की खेती करते हैं। सर्दी के मौसम में मलचिंग विधि से खरबूजे की बिजाई कर उपर पॉलीथिन की शीट से कवर करके खरबूजे की नर्सरी को सर्दी व पाले से बचाया जाता है। जैसे मौसम खुलता है बाकी के किसान खरबूजे की बिजाई करते है मलचिंग वाला खरबूजा तैयार हो चुका होता है अगेता खरबूजा बाजार में आने से दाम भी बहुत अच्छा मिला है व मुनाफा भी बहुत अच्छा होता है। संवाद
ताइवान के बीज ने किसानों को किया मालामाल
पिछले कुछ समय से बोबी किस्म के खरबूजे जिसका बीज ताइवान देश का बीज है। इस बीज ने किसानों को मालामाल किया है। यह खरबूजा अगेता होता है और साइज में छोटा व मिठास में बहुत अधिक मीठा होता है। इसकी काश्त नवंबर में की जाती है और फरवरी माह में यह खरबूजा बाजार में आ जाता है। -राजविंद्र सिंह, खरबूजा उत्पादक किसान।
खरबूजे की अगेती फसल किसानों के लिए लाभदायक
खरबूजे की अगेती फसल किसानों के लिए बहुत लाभदायक होती है और इसमें अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। लेकिन किसान आलू की फसल उठाने के बाद फरवरी माह में मधुरस, गोल्डन ग्लोरी किस्म का खरबूजा भी लगाते हैं। यह पिछेती किस्म का खरबूजा है जो लंबे समय तक चलता है। साइज बड़ा और खरबूजा भारी होता है।
-अंतरजीत सिंह, प्रगतिशील किसान।