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Kaithal News: वायु प्रदूषण से बिगड़े हालात, एक्यूआई 300 पार

Sat, 19 Oct 2024 02:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। जिले में लगातार खेतों में पराली में लगाई जा रही आग के मामले आने के बाद फिर से वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। वायु प्रदूषण की मार का असर है कि शुक्रवार को एक्यूआई का आंकड़ा 300 के पार पहुंचकर 311 दर्ज किया गया।

ऐसे में जिला नागरिक अस्पताल में सांस के साथ आंखों के मरीजों की ओपीडी बढ़ गई है। चिकित्सकों ने सांस के मरीजों को इस मौसम में बाहर न निकलने की सलाह दी है।
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गौरतलब है कि नागरिक अस्पताल में आंखों की ओपीडी अब 200 के करीब तो सांस के मरीजों की ओपीडी 60 से अधिक हो गई है। वहीं, सामान्य दिनों में आंखों के मरीजों की ओपीडी 100 के करीब तो सांस के मरीजों की ओपीडी 20 से 25 की रहती थी। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने भी चिकित्सकों को अलर्ट मोड पर रहने के आदेश जारी किए हैं।

उधर, शुक्रवार को पराली जलाने के छह नए मामले सामने आए हैं। अब तक पूरे जिले में पराली जलाने के 106 मामले हो चुके हैं। दो लाख रुपये का जुर्माना भी किसानों पर लगाया जा चुका है।

वहीं, कृषि विभाग के सहायक कृषि अभियंता जगदीश मलिक ने बताया कि जिले में अब तक पराली जलाने के 106 मामले आ चुके हैं। शुक्रवार को भी विभाग को छह और पराली जलाने की लोकेशन मिली है। हालांकि अभी तक एक भी किसान के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। किसानों को पराली न जलाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। अब तक जिले में दो लाख रुपये का जुर्माना भी किसानों पर लगाया जा चुका है।

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपमंडल अधिकारी डाॅ.सतीश नारा ने कहा कि उनके विभाग को पत्र प्राप्त हुआ है। पत्र मिलते ही विभाग पूरी हरकत में आ गया है। कृषि विभाग के नोडल अधिकारियों, सभी खंड कृषि अधिकारियों व राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देेश दिए गए हैं कि अवशेषों को जलाने वाले किसानों के खिलाफ बिना देरी किए मामला दर्ज करवाया जाए और उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही को फौरन अमल में लाया जाए। कहा कि जो भी निर्देश हैड आफिस से मिले हैं उनको प्रभावी ढंग से अमल में लाया जाऐगा। डाॅ. नारा ने किसानों से अपील की कि वे फसल अवशेषों को न जलाएं बल्कि उनका उपयोग खेत की मिट्टी को और उर्वरक बनाने में करें। इसके लिए विभाग की और से अनेक स्कीमें दी जा रही हैं।
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वायु प्रदूषण के बढ़ रहे स्तर को देखते हुए नेत्र रोग व सांस के लिए फिजिशियन को अलर्ट मोड पर रहने के आदेश जारी किए गए हैं। इन दोनों की ओपीडी में विशेष व्यवस्था बनाई गई है। अस्पताल में आ रहे मरीजों को भी इस मौसम में बचाव के तरीके बताएं जा रहे हैं। - डॉ. सचिन मांडले, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, कैथल।
शुक्रवार को यूं बढ़ा वायु प्रदूषण का स्तर
समय
वायु प्रदूषण

सुबह छह बजे
294

सुबह सात बजे 297

सुबह आठ बजे 300

सुबह नौ बजे 303

सुबह 10 बजे 306

सुबह 11 बजे 307

दोपहर 12 बजे 309

दोपहर एक बजे 310

अपराह्न तीन बजे 311

नोट ः- यह डाटा केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड की वेबसाइट से समय अनुसार लिया गया है।
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