गुहला-चीका। मंडी बेहाल सड़कों पर कबाड़, शेडों में बोरियों की भरमार किसान और आढ़ती परेशान। जी हां, एशिया की सबसे बड़ी अनाज मंडी चीका में कबाड़ उठान न होने से जगह-जगह कबाड़ के ढेर लगे हैं। आलम यह है कि मंडी की सड़कों पर पैदल निकलना भी मुमकिन नहीं है।
इसके बावजूद सड़कों पर कबाड़ के ढेर लगने से ठेकेदार की लापरवाही सामने आ रही है। सबसे ज्यादा परेशानी मंडी से गुजरने वाले दो पहिया वाहन चालकों को उठानी पड़ रही है। कबाड़ से उड़ने वाली धूल से लोगों को सांस की तकलीफ के साथ-साथ एलर्जी भी हो रही है। किसानों ने कहा कि एक ओर तो स्वच्छ भारत अभियान चल रहा है वहीं दूसरी ओर मंडी से कबाड़ नहीं उठाया जा रहा।
नालियां कबाड़ से अटी पड़ी हैं तो मंडी में बने प्लेटफार्म पर भी कबाड़ की भरमार है। बारिश होने से हालात ओर भी बिगड़ सकते हैं, जिससे पूरी मंडी में दुर्गंध फैली हुई है। इसको लेकर आढ़तियों व किसानों में रोष है। मंडी की आढ़ती एसोसिएशन व किसान संगठन भी कबाड़ उठाने के लिए कई बार मार्केट कमेटी को अवगत करवा चुका है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। नालियों में कबाड़ भरा होने के चलते बीमारी फैलने का डर है फिलहाल मंडी में जगह-जगह कबाड़ के ढेर लगी होने से अव्यवस्था बनी है। कबाड़ के चलते आढ़तियों व किसानों को धान सुखाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आढ़तियों ने जताया रोष : मंडी में जगह-जगह कबाड़ के ढेर लगे होने के कारण आढ़तियों ने ढेरियों के समक्ष खड़े होकर रोष जताया। अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन चीका जयपाल गर्ग, अशोक गर्ग, राजकुमार जखौली, कश्मीर लाल गर्ग, सतपाल ने आरोप लगाया कि मार्केट कमेटी ने जिस ठेकेदार को कबाड़ उठाने का ठेका दिया गया है, वह कबाड़ उठाने में लापरवाही बरत रहा है।
इसके चलते मंडी पूरी तरह बेहाल हो चुकी है। आलम यह है कि उनके पास किसानों की जीरी उतारने के लिए जगह भी नहीं बची है। जीरी को उतारने के लिए आढ़तियों को स्वयं ही कबाड़ को इकट्ठा करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
जल्द उठान के दिए जाएंगे निर्देश : राविश
मार्केट कमेटी सचिव सतबीर राविश का कहना है कि मंडी से जल्द कबाड़ का उठान करवा दिया जाएगा। उठान कार्य में तेजी लाने के लिए ठेकेदार को निर्देश दिए गए है, ताकि कबाड़ का उठान जल्द हो सके। इसको लेकर वे जल्द ही मंडी का निरीक्षण भी करेंगे। आढ़तियों व किसानों को कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी।
उपायुक्त के आदेशों की उड़ाई धज्जियां
बता दें कि तीन अक्तूबर को मंडी में पड़े कबाड़ का मामला किसान हरदीप सिंह बदसुई, संदीप सिंह पीडल ने डीसी डॉ. विवेक भारती कैथल के समक्ष उठाया था। परंतु मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने डीसी कैथल के आदेश की धज्जियां उड़ाई है, क्योंकि आज तक भी मंडी से कबाड़ उठाया नहीं गया।