संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। चौ. चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय अधीनस्थ प्यौदा रोड स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में फसल अवशेष प्रबंधन विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर लगया। मुख्य वैज्ञानिक डा. रमेश वर्मा ने समझाते हुए कहा कि फसल अवशेषों में आग लगाने से उर्वरा शक्ति कमजोर होती है।
उन्होंने बताया केंद्र ने फसल अवशेष प्रबंधन के लिए दो गांवों मूंदड़ी व बात्ता के 50 किसानों ने इस प्रशिक्षण में भाग लिया। डाॅ. रमेश ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन में उपयुक्त होने वाली मशीन जैसे जीरो टिलेज मशीन, हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्मार्ट सीडर सरफेश सीडर इत्यादि के बारे में जानकारी दी गई।
इसके अलावा फसल अवशेष प्रबंधन के लिए उपयुक्त मशीनों हेरेकर, कटरबेलर इत्यादि के बारे में भी जानकारी दी। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय हरियाणा सरकार द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन पर विभिन्न स्कीमों के बारे में भी जानकारी दी व फसल अवशेषों में आग लगने से होने वाले नुकसान में पर्यावरण प्रदूषण, भूमि की उर्वरा शक्ति में होने वाली कमी ,मित्र कीटों की जानकारी दी।
किसानों को बताया जो किसान उचित फसल अवशेष प्रबंधन करता है उसे एक हजार रुपये प्रति एकड़ सहायता भी प्रदान की जा रही हैं।