बाढ़ के संभावित खतरे के बारे में जानकारी देते हुए सरपंच अमरजीत सिंह व अन्य किसान।
गुहला चीका। मानसून का सीजन शुरू हो चुका है। पहाड़ी इलाकों सहित प्रदेश में झमाझम बारिश हो रही है। गुहला चीका क्षेत्र में घग्गर नदी पर बने सरोला साइफन के आधे से अधिक गेटों में आज भी मिट्टी जमा है। ऐसे में लोगों को चिंता होने लगी है कि यदि लगातार बारिश हुई तो घग्गर के बंद पड़े साइफन से पानी का कुदरती बहाव बाधित होगा जो गुहला क्षेत्र में बाढ़ की वजह बन सकता है।
सरपंच एसोसिएशन गुहला के प्रधान व गांव शादीपुर के सरपंच अमरजीत सिंह, मलकीत सिंह ने कहा कि गुहला क्षेत्र में बाढ़ आने की मुख्य वजह घग्गर नदी पर बना साइफन है। उन्होंने कहा कि बरसाती पानी के साथ बहकर आई मिट्टी व गाद इस साइफन में जमा हो जाती है जिससे पानी के बहाव में रुकावट आती है और साइफन से ऊपर का पूरा क्षेत्र एक झील का रूप ले लेता है।
अमरजीत ने कहा कि जब पानी का बहाव अधिक होता है तो वह घग्गर के रिंग बांध को तोड़ते हुए खेतों में बहने लगता है जिससे गुहला क्षेत्र में भारी जान माल की हानि होती है। अमरजीत सिंह ने कहा कि साल 2023 में आई बाढ़ ने गुहला क्षेत्र में भारी तबाही मचाई थी। अमरजीत सिंह ने कहा कि इस बार भी बाढ़ बचाव के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार ने घग्गर नदी के साइफन से मिट्टी निकालने का कार्य 30 जून तक पूरा करना था लेकिन आज भी आधे साइफन मिट्टी जमा होने के कारण बंद पड़े हैं। इसी मिट्टी की वजह से पानी के बहाव को रुकावट आएगी और बाढ़ का कारण बनेगा।
बाढ़ के संभावित खतरे के बारे में जानकारी देते हुए सरपंच अमरजीत सिंह व अन्य किसान।