संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। मटौर गांव के श्री तीर्थ ने जनमानस में अध्यात्म के बढ़ावे के साथ बच्चों के लिए लाइब्रेरी की भी शुरुआत कर दी है। यह लाइब्रेरी आधुनिकतम सुविधाओं से युक्त और निशुल्क है।
श्री तीर्थ के महंत सुमेर दास ने बताया कि पिछले काफी समय से वे महसूस कर रहे थे कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए बच्चे बच्चियों को कलायत या कैथल लाइब्रेरी में जाना पड़ रहा है। बच्चों को सुविधा देने के लिए उन्होंने इस काम का बीडा उठाया व मंदिर परिसर के ऊपरी हाल में लाइब्रेरी को पूतैयार करवा दिया।
लाइब्रेरी पूरी तरह से वातानुकूलित व इंटरनेट सुविधाओं से संपन्न है। फिलहाल इसमें 80 बच्चों के बैठकर तैयारी करने की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ती है तो सीटें और भी बढ़ाई जा सकती हैं। महंत सुमेर दास ने
कहा कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए आने वाले बच्चों के लिए दोपहर का खाना व चाय भी मंदिर से दिया जा
रहा है।
लाइब्रेरी में पढ़ने के लिए आने वाले छात्र-छात्राओं ने बताया कि गांव में ही श्रीतीर्थ के महंत बाबा सुमेर दास ने उन्हें यह जो सुविधा उपलब्ध करवाई है, उसका अध्ययन में बहुत लाभ हो रहा है। उनका समय और धन दोनों बच रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि मंंदिर का शांत व अध्यात्मिक माहौल ,चारों और हरियाली व पक्षियों के कलरव के बीच में उनको अपनी तैयारी करने के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्ध हो रहा है।
गौरतलब है कि श्री तीर्थ पौराणिक महत्ता का तीर्थ है जिसका जिक्र पद्मपुराण व वायुपुराण में मिलता है। महंत सुमेरदास ने बताया कि इस स्थान पर बाबा संतोखदास ने तपस्या की थी। जो वर्तमान में मंदिर का स्वरूप है यह भी करीब 450 साल पुराना बताया जाता है।