सीवन। नगर की सबसे प्राचीन रामलीला बाबा नारायण दास रंगमंच क्लब का मंचन पिछले 75 वर्षों से किया जा रहा है। बाबा नारायण दास रंगमंच क्लब ने बहुत से कलाकार दिए हैं।
मंच पर बहुत से कलाकार आए और गए परंतु कुछ ऐसे भी हैं जिन्हें उनके अभिनय के लिए हमेशा याद किया जाता है। इस बार भी नगर में बाबा नारायण दास रंगमंच क्लब की ओर से रामलीला का मंचन किया जा रहा है। यह रामलीला नगर के रामलीला मैदान में 15 अक्तूबर से आरंभ होगी। इसके लिए रामलीला के कलाकारों ने तैयारी भी आरंभ कर दी है।
इस रामलीला में बहुत से ऐसे कलाकार भी हैं जो लंबे समय से एक ही किरदार निभाते आ रहे हैं और कुछ ऐसे भी हैं जो अब रामलीला के मंचन में भाग तो नहीं लेते हैं परंतु रामलीला की तैयारी और मंच के पीछे से कलाकारों को निर्देशित करने का कार्य करते हैं।
पुराने कलाकार बताते हैं कि रामायण के पात्र निभाने से कलाकारों की जीवन शैली में भी बदलाव आया है। भगवान श्रीराम के जीवन से इन कलाकारों को काफी प्रेरणा मिलती है।
क्लब की तरफ से किए जा रहे मंचन में कई कलाकार पिछले कई वर्षों से एक ही किरदार निभा रहे हैं। इसमें जोगिंद्र शर्मा श्रीराम का रोल अदा करते हैं तो मांगे राम शर्मा राजा दशरथ के किरदार में मंचन करते हैं। गौरतलब है कि क्लब की तरफ से पिछले 75 वर्षों से रामलीला का मंचन किया जा रहा है।
इस रामलीला में भी कलाकार भी बहुत पुराने समय से अभिनय कर रहे हैं। बहुत से कलाकारों ने अपने अभिनय की छाप दर्शकों पर छोड़ी है, जिनका मंचन देखने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से दर्शक पहुंचते हैं। संवाद
वर्ष 1972 में पहली बार निभाया था दशरथ का किरदार
66 वर्षीय मांगे राम शर्मा पिछले लंबे समय से राजा दशरथ का किरदार निभा रहे हैं। शर्मा ने बताया कि उन्होंने 1972 में पहली बार रामलीला में दशरथ का किरदार निभाया था। इसके बाद वह इसी किरदार में लगातार मंचन कर रहे हैं। वे सत्यवादी राजा हरीश चंद के ड्रामा में हरीश चंद व साथ ही मेघनाथ का किरदार भी निभाते हैं। इसके साथ ही काफी समय तक बाली का किरदार भी निभाते रहे हैं। उनके बाली और दयानंद तनेजा के सुग्रीव के किरदार की जोड़ी में किए गए मंचन को आज भी लोग याद करते हैं। मांगे राम शर्मा बताते हैं कि पहले मनोरंजन का कोई साधन नहीं था। इस कारण से रामलीला का बहुत क्रेज था। मांगे राम ने बताया कि वे लोक संपर्क विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी हैं।