संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जीवन रक्षक दल ने नंदी गोशाला में मंगलवार को उन लावारिस मिले शवों का श्राद्ध किया गया जिनकी पहचान नहीं हो सकी थी। इस कार्यक्रम में यजमान के तौर पर वरिष्ठ पत्रकार सतीश सेठ ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि संस्था के लोगों ने पहले हवन किया और संस्था ने अपनी तरफ से व्यवस्था कर के गायों को चारा और गुड़ खिलाया। वहां पर सभी सेवादार मजदूरों को फिर खाना खिलाया।
गौरतलब है कि जीवन रक्षक दल के सदस्य अब तक 125 लावारिस शवों का दाह संस्कार कर चुके हैं। इन सभी का श्राद्ध निकालने के लिए मंगलवार को नंदी गोशाला में यह आयोजन किया गया। संस्था के प्रधान प्रवीण सेगा ने कहा कि लावारिस शवों को श्रद्धांजलि देने के लिए संस्था ने पिछले महीने 125 त्रिवेणी भी लगाई और साल यज्ञ भी किया था। उन सभी की आत्माओं की शांति के लिए पितृ श्राद्ध में यह आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि जैसे हम अपने पूर्वजों के लिए श्राद्ध मनाते हैं, उसी प्रकार यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके तहत संस्था ने मजदूरों को खाना खिलाया। साथ ही गायों को गुड़-चना खिलाया गया।
राजू डोहर ने कहा कि पितृ श्राद्ध साल में एक बार आते हैं और इस 16 दिनों में हम अपने पूर्वजों को याद करके उनकी याद में खाना खिलाते हैं लेकिन जो 125 लोग जो संस्कार करने से पहले लावारिस थे, लेकिन संस्कार करने के बाद संस्था ही उनका परिवार बन गई। इससे आज संस्था ने अपना फर्ज भी निभाया और उनका श्राद्ध निकाला। समय-समय पर संस्था लावारिस शवों अस्थियां को लेकर हरिद्वार भी जाती है और अन्य सामाजिक कार्य भी करती रहती है और भविष्य में भी जो लावारिस शव आएंगे, हम उनके लिए भी ऐसे ही त्रिवेणी लगाएंगे और हर साल श्रद्धा के रूप में मजदूरों को व गाय को चारा और गुड़ खिलाकर उनका श्राद्ध मनाएंगे।
नंदी गोशाला के प्रधान शमशेर छौत ने सभी संस्था के लोगों का स्वागत किया और उन्होंने पूरी नंदी गोशाला में संस्था के लोगों को घुमाया और व्यवस्था दिखाई और संस्था के लोगों ने भी प्रधान और उनकी पूरी कार्यकारिणी की प्रशंसा की। गोशाला में गायों के रख रखाव की बहुत बढि़या व्यवस्था कर रखी है।
इस अवसर पर राजू डोहर, प्रवीण सेगा, मिंटू कयोडक, प्रकाश चंद, पवन शर्मा, सचिन धमीजा, सतबीर वर्मा, सतीश सेठ, योगेश थरेजा, ज्ञानचंद भल्ला, रामसिंह कयोडक, कुणाल अरोड़ा व सुनहरा नौच मौजूद रहे।