कैथल। राजकीय उच्च विद्यालय चार नंबर स्कूल में चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग पर विद्यार्थियों ने खुशी मनाई। चहकते हुए उन्होंने भारत माता की जय, वंदे मातरम, मेरा भारत महान आदि नारे लगाए। साथ ही कहा कि अब चांद करेगा भारत की सिफारिश, क्योंकि दक्षिण पोल के सारे आंकड़े भारत अब दुनिया को उपलब्ध कराने में सहायक बनेगा।
विद्यार्थियों के नारे इतने जोशीले थे कि पास की सड़क से गुजर रहे राहगीर भी रुक कर देखने लगे। मुख्य अध्यापक राजेंद्र प्रसाद ने इसरो के सभी वैज्ञानिकों व सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दी। इसके अलावा शहर में कई जगहों पर चंद्रयान-3 की सफलता पर शहरवासियों ने मिठाई खिलाकर मुंह मीठा करवाया।
चंद्रयान-3 की लैंडिंग लाइव देखकर कई विद्यार्थियों ने साइंस पढ़कर भविष्य में वैज्ञानिक बनने की ठानी। विद्यार्थियों ने कहा कि इस लाइव कार्यक्रम से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला है। वह भविष्य में साइंस विषय को अच्छे तरीके से पढ़ेंगे और नए नए शोध करेंगे।फोटो नंबर-31
कक्षा 10वीं की छात्रा स्वाति ने कहा कि चंद्रयान लैंडिंग का लाइव कार्यक्रम देखकर उन्हें बहुत अच्छा लगा। इस कार्यक्रम से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला। हमारे वैज्ञानिक देश के लिए दिन रात एक करके अपने कार्य में जुटे हुए हैं। आज पूरे विश्व में चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग कर देश का डंका बजाया है। इस लाइव कार्यक्रम से विद्यार्थियों को बहुत खुशी मिली है।
कक्षा चार के छात्र शुभम ने कहा कि चंद्रयान-3 का कार्यक्रम बहुत अच्छा लगा। कार्यक्रम के बाद उसने भी ठान लिया है कि वह बड़ा होकर पढ़ लिखकर वैज्ञानिक बनेगा और देश के लिए नए नए शोध कार्य करेगा। इस कार्यक्रम से उसे बहुत प्रेरणा मिली है। चंद्रयान-3 के सफल लैंडिंग से भारत का पूरे विश्व में नाम चमक गया है।फोटो नंबर-36
बायोलॉजी विषय की अध्यापिका रीना सैनी ने कहा कि पूरा हिंदुस्तान चंद उत्सव मना रहा है। इसरो वैज्ञानिकों की यह अच्छी उपलब्धि है। कई भारतीय त्योहार भी चंद्रमा से जुड़े हुए हैं। जैसे रक्षा बंधन, करवाचौथ व अन्य काफी त्योहार है जिनकी चंद्रमा के साथ मान्यता है। वैज्ञानिकों ने चंद्रयान-3 को चंद्रमा पर सफल लैंडिंग करके पूरे विश्व में डंका बजाया है। चंद्रयान ने दक्षिण ध्रुव पर छह बजकर 4 मिनट पर सफल लैंडिंग कर ली है। यहां तक पहुंचने में चंद्रयान-3 को 40 दिन लगे हैं।
भौतिक विज्ञान के अध्यापक कमल सिंहमार ने कहा कि चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर लैंडिंग होना हमारे लिए गर्व की बात है। इसके उन्होंने सभी देशवासियों व देश के सभी वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारत देश दुनिया का ऐसा पहला देश है, जिसने चंद्रयान पहली बार दक्षिण ध्रुव पर भेजा है। यह मिशन 14 दिन तक काम करेगा। चंद्रयान ने दो भागों में सफल लैंडिंग की है। चंद्रयान-3 ने एक भाग में पृथ्वी के चारों ओर पांच चक्कर लगाए। इसके बाद दूसरे भाग में चंद्रमा के पांच चक्र लगाए। इसके बाद चंद्रयान-3 ने दक्षिण ध्रुव पर सफल लैंडिंग की है।
राजनेताओं में भी दिखा उत्साह, बोले, इस मिशन से जुड़े देश के सभी वैज्ञानिकों को बधाई
चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग से राजनेताओं में भी खुशी की लहर है। इनका कहना है कि अब वो दिन दूर नहीं है, जब भारत विश्व गुरु बनेगा। यह इस दिशा में ही कदम है। उम्मीद करते हैं कि जो वैज्ञानिक चांद पर जानकारी जुटाने गए हैं। वह चांद से संबंधित बेहद अच्छी जानकारियां लेकर पृथ्वी पर वापस लौटेंगे।
चंद्रयान 3 के मिशन से जुड़े देश के सभी वैज्ञानिकों व देश की जनता को हार्दिक बधाई है। भारत अपनी प्रतिभा के बल पर चांद के दक्षिण ध्रुव पर पहुंचने वाला पहला देश बना है। देश को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए गौरवावन्ति होने का अवसर देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हार्दिक अभिनंदन है।
-कमलेश ढांडा, महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री, हरियाणा।
चंद्रयान 3 की सफल लैंडिंग का समय देश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण रहा है। इसकी सफल लैंडिंग के बाद भारत देश ने यह साबित किया है। वह पूरे विश्व को रास्ता दिखाने वाला देश है। उनकी प्रार्थना थी कि यह सकुशल लैंड करे। परमात्मा की कृपा से ऐसा ही हुआ है। अब वहां गए वैज्ञानिक चांद से काफी जानकारियां लेकर वापस पहुंचेंगे।
नायब सैनी, सांसद, कुरुक्षेत्र
चंद्रयान 3 की सफल लैंडिंग भारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। भारत ने चांद पर पहले भी जाने के प्रयास किए, लेकिन असंयोगवश ऐसा नहीं हो पाया था। अब भारत ने चांद के दक्षिण ध्रुव पर सफल लैंडिंग की है। इसका श्रेय इसरो के वैज्ञानिकों और उनका हौसला बढ़ाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। उम्मीद है कि अब और भी बुलंदियों को हमारा भारत छूएगा।
- लीला राम, विधायक, कैथल।