संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। लघु सचिवालय स्थित सभागार में सोमवार को उपायुक्त प्रीति ने अधिकारियों के साथ बैठक कर मुख्यमंत्री की घोषणाओं पर प्रगति की समीक्षा की। बैठक में अनुपस्थित रहने पर सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता (एक्सईएन) को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
डीसी प्रीति ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं से संबंधित सभी कार्यों को पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट किया जाए। यदि पोर्टल पर दर्ज जानकारी और जमीनी हकीकत में अंतर पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारी अथवा कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि नोडल विभाग सुनिश्चित करें कि जिन विभागों द्वारा कार्य किया जा रहा है, उनके बीच तालमेल बना रहे और कागजों में सही जानकारी दर्ज होती रहे। यदि कोई विभाग उचित डाटा उपलब्ध नहीं कराता, तो उसे भी कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।
डीसी ने कहा कि जिन परियोजनाओं के लिए बजट आबंटित हो चुका है, उनका कार्य तुरंत शुरू करवाया जाए, ताकि अनावश्यक देरी से लागत न बढ़े और काम निर्धारित बजट में ही पूर्ण हो। यदि विभागीय तालमेल में कमी है, तो अधिकारी बैठक कर समाधान निकालें। समाधान न होने की स्थिति में उन्हें तुरंत अवगत कराएं।
उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी पूरी तैयारी के साथ बैठक में आएं। मुख्यमंत्री की घोषणाओं के तहत बनाई जा रही सड़कों पर संकेतक बोर्ड और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। विकास कार्यों के लिए अनुमानित लागत रिपोर्ट समय पर भेजी जाए, ताकि बजट आवंटन के बाद कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे हों।
बैठक में महर्षि वाल्मीकि विश्वविद्यालय भवन, लुवास विश्वविद्यालय के रीजनल सेंटर, सिटी स्क्वायर, सड़कों का निर्माण, पूंडरी में सीसीटीवी कैमरे लगाने और पाई गांव में कबड्डी अकादमी की प्रगति पर विशेष चर्चा हुई। डीसी ने पीडब्ल्यूडी, जन स्वास्थ्य, नगर निकाय, खेल विभाग और पंचायत विभाग को इन घोषणाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश, डिप्टी सीईओ रितु लाठर, सीएमओ डॉ. रेणु चावला, पंचायत विभाग के कार्यकारी अभियंता नारायणदत्त, लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता वरुण कंसल और सुरेंद्र सिंह, जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता विकास कल्याण सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।