फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: छह अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस

Tue, 22 Jul 2025 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। जिला परिषद भवन में सोमवार को आयोजित जिला परिषद की विशेष सदन बैठक में मूलभूत सुविधाओं की कमी और अधिकारियों की गैरहाजिरी प्रमुख मुद्दा बने रहे। बैठक की अध्यक्षता कर रहे जिला परिषद अध्यक्ष कर्मबीर कौल ने गैरहाजिर अधिकारियों पर नाराजगी जताते हुए छह विभागों के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

अध्यक्ष ने कहा कि जब पार्षद जनता की समस्याएं लेकर सदन में आते हैं और विभागीय अधिकारी बैठक में उपस्थित नहीं होते, तो यह लापरवाही और असंवेदनशीलता का परिचायक है। उन्होंने जिला परिषद के सीईओ सुरेश राविश को स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना पूर्व सूचना के बैठक से अनुपस्थित अधिकारियों को नोटिस भेजा जाए। गैरहाजिर विभागों में बिजली निगम, कृषि विभाग, मार्केटिंग बोर्ड, पुलिस, रोडवेज व जनस्वास्थ्य विभाग प्रमुख हैं।
विज्ञापन


सात एजेंडों पर चर्चा, सभी पर सहमति ः बैठक में कुल सात एजेंडों पर चर्चा की गई, जिनमें पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि, विकास कार्यों की योजना, “एक राष्ट्र, एक चुनाव” का समर्थन, खेल टूर्नामेंट और ओलंपियाड पुस्तकों का वितरण, और विभागीय कार्यों के लिए कमेटियों का गठन शामिल था। सभी प्रस्तावों पर पार्षदों ने सर्वसम्मति से सहमति जताई।

सात कमेटियों का गठन, पार्षदों को मिली जिम्मेदारी ः सदन में जिलेभर में विकास कार्यों की निगरानी के लिए सात समितियों का गठन किया गया, जिनमें सभी 20 जिला पार्षदों को शामिल किया गया है। इन समितियों का उद्देश्य संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली का निरीक्षण कर विकास योजनाओं को गति देना है।

प्रमुख समितियों में बाल एवं महिला कल्याण समिति (संयोजक: कमलेश रानी, सोनिया रानी सहयोगी: मैनेजर कश्यप), किसान कल्याण व प्राकृतिक खेती समिति, स्वास्थ्य एवं जनस्वास्थ्य समिति, खेल एवं युवा कल्याण समिति, शिक्षा व छात्र कल्याण समिति, सामाजिक व देश सेवा समिति तथा भूमि पुनःप्राप्ति समिति शामिल हैं।

जनस्वास्थ्य विभाग पर बरसे पार्षद ः बैठक में गर्मी के मौसम में गांवों में पानी की किल्लत को लेकर पार्षदों ने जनस्वास्थ्य विभाग को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय अधिकारी न तो फोन उठाते हैं, न ही कार्यालय में मिलने पर सम्मानजनक व्यवहार करते हैं। करीब 20 में से 15 पार्षदों ने पानी की समस्या और सड़कों की बदहाली को लेकर रोष प्रकट किया।

सदन में गूंजा जनहित का स्वर ः बैठक के दौरान माहौल कई बार तीखा भी हुआ, जब पार्षदों ने स्थानीय प्रशासन की अनदेखी पर खुलकर सवाल उठाए। कुछ सदस्यों ने कहा कि जनता के सवालों का जवाब देने की ज़िम्मेदारी अधिकारियों की है, लेकिन यदि वे बार-बार गायब रहेंगे, तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित होगी। पार्षदों ने चेताया कि अधिकारियों का यही रवैया रहा, तो आने वाले समय में आंदोलन की राह भी अपनाई जा सकती है।
छह करोड़ रुपये के विकास बजट की घोषणा

अध्यक्ष कर्मबीर कौल ने सदन को जानकारी दी कि जिले में विकास कार्यों के लिए छह करोड़ रुपये से अधिक का बजट स्वीकृत किया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी वार्डों में समान रूप से विकास कार्य करवाए जाएंगे और समितियों के माध्यम से नियमित निगरानी की जाएगी।
विज्ञापन


इस विशेष बैठक में उपाध्यक्ष सोनिया रानी, पार्षद मुनीष शर्मा फरल, राकेश खानपुर, नेहा तंवर, अमरजीत कसान, देवेंद्र पुजारी, दीप बालू, दीपक मलिक जाखौली, मैनेजर कश्यप, जितेंद्र टाया, संजीव भाणा, भारत हरसौला, रुमिला ढुल, कुलदीप पाई, रितू ढुल समेत 20 पार्षदों और अधिकारियों में सीईओ सुरेश राविश, डिप्टी सीईओ रितू लाठर, एक्सईएन नारायण दत्त (पंचायती राज), बीडीपीओ अन्नू टांक, एक्सईएन वरुण कंसल, सुरेंद्र और सिविल सर्जन रेनू चावला आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें