संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। यहां पर चिकित्सकों का अभाव है। केवल एकमात्र बेहोशी के विशेषज्ञ चिकित्सक से यहां काम चलाया जा रहा है। कोई नियमित सर्जन न होने से ऑपरेशन में देरी होती है।
इसके चलते स्वास्थ्य विभाग ने अनुबंध पर ही पांच चिकित्सकों को रखा है। केवल एकमात्र चिकित्सक होने से कई बार तो ऑपरेशन करवाने वाले मरीजों को परेशानी होती है। ऐसे में नागरिक अस्पताल में बिना चिकित्सक के इलाज करवाए मरीज वापस लौटते हैं।
गौरतलब है कि अस्पताल में इस समय स्वीकृत 55 में से महज 20 चिकित्सक ही कार्यरत हैं। जबकि चिकित्सकों के 35 पद खाली हैं। इस समय सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं को होती है। क्योंकि गायिनी वार्ड में जांच के लिए केवल एकमात्र चिकित्सक ही है। साथ ही आपातकालीन वार्ड में भी एकमात्र चिकित्सक है। इसके अलावा करीब पांच जनरल सर्जन की भी जरूरत अस्पताल में आने वाले मरीजों को है। इस समय सामान्य सर्जन, गला व कान रोग का चिकित्सक नहीं है।
ऑपरेशन के लिए करना पड़ेगा इंतजार ः मरीज रोहन ने बताया कि उसने अपनी टांग का ऑपरेशन करवाना है। यहां पर हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक तो है, लेकिन बेहोशी के विशेषज्ञ चिकित्सक छुट्टी पर है। ऐसे में वह दो दिन बाद अपनी ड्यूटी पर वापस आएगा। इसलिए उसके ऑपरेशन में अभी दो दिन की देरी होगी। यहां पर प्रबंधन का कहना था कि वे जल्द ऑपरेशन करवाना चाहते तो वे बाहर से बेहोशी के चिकित्सक को बुला सकते हैं।
अस्पताल में चिकित्सकों की कमी को लेकर आला अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। ऐसा नहीं है यहां पर एक भी बेहोशी का चिकित्सक नहीं है। यहां पर एक चिकित्सक है, इसलिए ऑपरेशन के दौरान बेहोशी को लेकर किसी भी प्रकार कोई परेशानी नहीं आती है। - डॉ. सचिन मांडले, जिला प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, कैथल।