संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में अब फिर से डीएपी खाद की किल्लत हो गई है। ऐसे में अभी डीएपी खाद के 28 हजार एमटी की जरूरत है।
गौरतलब है कि एक सप्ताह पहले ही डीएपी खाद का रैक आया था। इस दौरान अधिकारियों को रेलवे स्टेशन पर ही खाद बांटना पड़ा था। पिछले सप्ताह करीब 27 हजार 900 बैग पहुंचे थे।
इस समय जिले में गेहूं की बिजाई का काम जारी रही है। जिले के सीवन, चीका, कैथल और ढांड क्षेत्र में अधिकतर रकबे में गेहूं की बिजाई हो चुकी है जबकि कलायत और राजौंद में अभी तक गेहूं की बिजाई होना शेष है। शुक्रवार को सुबह के समय तो सरकारी खाद केंद्र पर लंबी लाइन लगी। एक आधार कार्ड पर चार से पांच बैग दिए गए।
डीएपी खाद लेने पहुंचे किसान सतपाल , राजेश , संदीप , धर्मपाल आदि ने बताया कि गेहूं की बिजाई का समय है। किसानों को हर फसल के समय खाद व बीज की जरूरत होती है, लेकिन विभाग कोई भी तैयारी नहीं करता। आरोप लगाते हुए कहा कि हर बार किसानों को खाद व बीज के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ता है। उसके बाद भी खाद व बीज की पूरी मात्रा नहीं मिलती।
पिछले सप्ताह ही सरकारी केंद्रों पर डीएपी खाद भिजवाया गया था। इसके तहत जिस पैक्स में जितनी जरूरत खाद की है। उसके अनुसार वहां पर बैग पहुंचाए गए हैं। इसके साथ ही पर गेहूं का बीज भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। सभी किसानों को डीएपी खाद व बीज मुहैया करवाया जाएगा। - सतीश नारा, एसडीओ, कृषि विभाग, कैथल