संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में शहीदों की याद में बनाया गया पार्क अब बदहाली की कगार पर पहुंच गया है। लगभग छह महीने से शहीद ऊधम सिंह पार्क की सुध लेने वाला कोई नहीं है। यहां सुबह-शाम सैर के लिए आने वाले लोगों का सामना गंदगी के ढेर से होता है। हर समय शरारती तत्वों का जमावड़ा रहता है, जिससे आसपास की कॉलोनियों के लोग पार्क में आने से कतराने लगे हैं।
पार्क में न तो बैठने की उचित व्यवस्था है, न ही शौचालयों की सफाई। वहीं, पार्क में लगी लाइटें भी लंबे समय से खराब हैं। नगर परिषद द्वारा इसकी कोई देखरेख नहीं की जा रही। यहां लगे डस्टबिन और शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा की स्थिति भी बेहद खराब है।
इस पार्क का शिलान्यास वर्ष 2012 में हुआ था और 2013 में अनावरण किया गया था। शुरुआत में पार्क में बेहतर लाइटिंग सिस्टम, सैर के लिए ट्रैक, फव्वारे, बेंच, झूले और सुंदर ग्रासी लॉन बनाए गए थे, लेकिन रखरखाव के अभाव में अब यह पार्क पूरी तरह खस्ताहाल हो चुका है।
कॉलोनीवासी तनुज गुप्ता ने बताया कि पार्क में लगी लाइटें करीब दो महीने से बंद हैं। ऐसे में रात के समय महिलाओं की सुरक्षा खतरे में रहती है। अंधेरे का फायदा उठाकर शरारती तत्व पार्क की संपत्ति को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।
वॉकिंग ट्रैक उखड़ा हुआ है, जिससे सैर करने में परेशानी होती है और चोट लगने का खतरा बना रहता है। -शशि देवी, माता गेट
पार्क में आवारा पशु, जैसे गोवंश और घोड़े, घूमते रहते हैं। इससे सैर करने आने वाले लोगों को हमले का डर बना रहता है। -परमजीत सिंह
शौचालयों की हालत खराब है। सफाई न होने के कारण यहां आने वाली महिलाओं को कठिनाई का सामना करना पड़ता है। -जोगिंद्र सचदेवा