पूंडरी। फरल गांव में लागू की गई महाग्राम सीवरेज योजना ग्रामीणों के लिए वरदान की बजाय अभिशाप बन गई है। लगभग 15 महीने से काम अधूरा पड़ा है। जगह-जगह खोदे गए गड्ढे कीचड़ और गंदे पानी से भर चुके हैं, जिससे गांव की गलियां दलदल जैसी हो गई हैं।
ग्रामीण नितेश, अजय कुमार, मेहूल राणा, गोलू राणा, हिमांशू राणा, जितेंद्र वाल्मिकि, जसविंद्र और नरेश ने आरोप लगाया कि विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से काम में भारी अनियमितताएं हो रही हैं। बरसात में हालात और बिगड़ जाते हैं, घर से निकलना तक मुश्किल हो जाता है। बच्चे स्कूल जाते समय गिरते-पड़ते हैं, वहीं बुजुर्ग और महिलाएं भारी असुविधा झेल रहे हैं। छात्राओं को सबसे अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस योजना से उम्मीदें थीं, वही अब मुसीबत का कारण बन गई है।
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ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़कों व गलियों की मरम्मत कर सीवरेज कार्य पूरा नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।