सीवन। गुहला-चीका विधानसभा क्षेत्र से सीवन कस्बा का 37 साल का सूखा खत्म हुआ है क्योंकि इस बार सीवन निवासी देवेंद्र हंस ने जीत दर्ज की है। देवेंद्र हंस सीवन से बनने वाले दूसरे विधायक हैं। इससे पहले सीवन निवासी बूटा सिंह ने वर्ष 1987 में लोकदल के टिकट पर जीत दर्ज की थी। उनके बाद से अब तक सीवन में किसी भी नेता को किसी पार्टी ने टिकट नहीं दिया था।
वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में भी देवेंद्र हंस ने भाजपा से टिकट का दावा किया था, लेकिन अंतिम समय में उनका टिकट कट गया था और उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था और वे तीसरे स्थान पर रहे थे। इस चुनाव में वह तीसरे स्थान पर रहकर 29 हजार से अधिक रिकॉर्ड मत हासिल किए थे। इस बार कांग्रेस पार्टी ने देवेंद्र हंस को टिकट दिया और उन्होंने वहां पर परचम फहरा दिया।
गुहला-चीका में कांग्रेस प्रत्याशी की दूसरी सबसे बड़ी जीत
सीवन से देवेंद्र हंस ने जीत दर्ज की है और हलका गुहला के अगले विधायक बने हैं। सुबह से ही देवेंद्र हंस के समर्थकों में जोश देखने को मिल रहा था। पहले राउंड से ही देवेंद्र हंस आगे चल रहे थे और जो लीड उन्होंने पहले राउंड में ली उसे लगातार हर राउंड में कायम रखा। हर राउंड में देवेंद्र हंस और भाजपा प्रत्याशी कुलवंत बाजीगर के मतों का अंतर बढ़ता ही गया। हर राउंड में देवेंद्र हंस ने बढ़त बनाई और अंत में 22880 मतों से जीत दर्ज की। सुबह से देवेंद्र हंस के समर्थक नगर में आतिशबाजी करते दिखाई दिए।
जैसे ही किसी राउंड का परिणाम आता वैसे ही आतिशबाजी की आवाजें सुनाई देती। 10वां राउंड आने तक तो देवेंद्र के समर्थकों ने ढोल और डीजे की थाप पर नाचना आरंभ कर दिया। सभी एक दूसरे को बधाई दे रहे थे। सीवन में देवेंद्र हंस के कार्यालय में व पूरे नगर में जश्न का माहौल देखने को मिल रहा था। लोगों का कहना था कि वर्ष 1987 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है कि सीवन से कोई हलका गुहला का विधायक बना हो। वर्ष 1987 में पूर्व विधायक बूटा सिंह ने जीत दर्ज की थी और विधायक बने थे। संवाद
उसके बाद से अब सीवन में किसी भी नेता को किसी पार्टी ने टिकट नहीं दी। इस बार कांग्रेस पार्टी ने देवेन्द्र हंस को टिकट दी और देवेंद्र हंस ने बहुत बड़ी जीत दर्ज की।
हलका गुहला से देवेंद्र हंस की जीत से सीवन का 37 वर्ष का सूखा खत्म हो गया है। 37 वर्ष पहले बूटा सिंह विधायक बने थे, जो सीवन से थे और उसके बाद से अब तो कोई भी विधायक सीवन से नहीं रहा। इस बाद देवेंद्र हंस ने जीत दर्ज कर 37 वर्ष का सूखा खत्म कर दिया है। जब देवेंद्र हंस निर्दलीय चुनाव लड़े थे तब भी सीवन की जनता ने उनका एकतरफा साथ दिया था और सीवन से उन्हें रिकार्ड वोट मिले थे और इस बार सीवन सीवन की जनता ने उन्हें यहां से अच्छी जीत दिलाई है। इस बार सीवन में कुल 11 हजार के लगभग वोट पोल हुए जिसमें से लगभग छह हजार वोट अकेले देवेंद्र हंस को मिले हैं।
सीवन की जनता को है आस
सीवन का विधायक होने से अब सीवन की जनता को आस है कि अब सीवन का विकास होगा। अधिकतर समय के लिए सत्ता का केंद्र गुहला या कांगथली ही रहा। एक बार सीवन से बूटा सिंह विधायक बने और एक बार गांव खेड़ी गुलाम अली से फूल सिंह विधायक बने। इस बार सत्ता का केंद्र सीवन है और सीवन के रुके हुए विकास कार्य अवश्य ही पूर्ण होंगे।
सीवन ने कायम किए दो बार जीत के रिकॉर्ड
सीवन में दो बार टिकट आए तो दोनों बार ही प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। न केवल जीत दर्ज की, बल्कि दोनों बार रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज की। वर्ष 1987 में लोकदल की टिकट पर चुनाव लडऩे वाले पूर्व विधायक बूटा सिंह ने 26 हजार 627 मतों से रिकार्ड जीत दर्ज की थी जो हलका गुहला के इतिहास में आज तक की सबसे बड़ी जीत है। इसके बाद अब दूसरी बार कांग्रेस पार्टी की टिकट पर चुनाव जीतने वाले देवेंद्र हंस ने भी 22880 मतों से जीत दर्ज की है। सीवन का यह रिकॉर्ड हो गया है कि जब भी सीवन के प्रत्याशी ने किसी भी पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ा है तो रिकॉर्ड जीत दर्ज की है।