संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) चार दिनों से बंद होने के कारण सीवरेज व्यवस्था चरमरा गई है। पब्लिक हेल्थ विभाग की लापरवाही के चलते लगभग 10 से 12 वार्डों में सीवरेज का पानी गलियों में भर गया है। आवासीय और व्यवसायिक क्षेत्रों में सिवरेज बैकफ्लो की समस्या गंभीर रूप से उभर रही है। मेनहोल ढक्कन और रिंग मिट्टी की तरह धंस रहे हैं, जिससे सफाई व्यवस्था और सड़क सुरक्षा दोनों खतरे में हैं। स्थिति से परेशान नागरिकों में गहरा रोष है।
वार्ड-14 की निवासी रेखा ने बताया कि लोग रोज़ गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं। बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत हो रही है और चारों तरफ बदबू फैली रहती है। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि सीवरेज का दूषित पानी बीमारियां फैलाने वाला है और
यह स्थिति सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। रेखा ने प्रशासन से गलियों की सफाई और एसटीपी की तुरंत मरम्मत की मांग की।
आरोप ः अधिकारी कर रहे गुमराह
वार्ड-14 के पार्षद दीपक शर्मा ने बताया कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट चार दिनों से पूरी तरह बंद है, लेकिन अधिकारी इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे। नालों का पानी कई वार्डों में गलियों तक आ चुका है। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को बार-बार अवगत करवाया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
उन्होंने बताया कि जब एसडीओ से बात की गई तो उन्होंने दावा किया कि कर्मचारी मरम्मत में लगे हैं, जबकि मौके पर जाकर देखने पर एक भी कर्मचारी काम करता नहीं मिला। पार्षद ने आरोप लगाया कि अधिकारी जनता को गुमराह कर रहे हैं और शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
एसडीओ विनोद कंबोज ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आते ही कार्रवाई की गई। एसटीपी की खराब मोटरों को दुरुस्त कर दिया गया है और अब लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
वार्ड-14 की गली में खड़ा सीवरेज का पानी।- फोटो : जितेंद्र भारती।