संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत (कैथल)। बालू गांव केे पास सारन रोड पर सुदकैन नहर के टूटे बड़े हिस्से को करीब सात घंटे ऑपरेशन चलाते हुए सिंचाई विभाग ने बंद कर दिया। व्यवस्था को पहले की तरह बहाल करने मेंं 24 घंटे बाद दोपहर दो बजे सफलता मिली।
कलायत सिंचाई विभाग के उप मंडल अभियंता सुमित कुमार ने काकौत हैड से इसमेंं पानी का बहाव शुरू करवाया। उपरांत ट्रायल लेते हुए रिपोर्ट दी। एसडीओ ने बताया कि मंगलवार दोपहर करीब अढ़ाई बजे डिस्टीब्यूट्री टूटने की सूचना पर वे मौका स्थल पर पहुंचे। तुरंत सिंचाई योजना के टूटे हिस्से पर काबू पाने के लिए अभियान शुरू किया।
इसमें मनरेगा, सिंचाई विभाग, किसान और आम लोगों ने पूर्ण सहयोग दिया। संयुक्त अभियान से मंगलवार रात्रि नौ बजे लगभग 40 फुट चौड़े क्षतिग्रस्त तटबंध को पाटते हुए खेतोंं में घुस रहने पानी को रोक दिया गया। उन्होंने किसानों से सिंचाई संसाधनों के तटबंधों पर उगी घास को न उखाड़नी की अपील की। इससे ही तटबंधों मिट्टी कटाव का खतरा बढ़ता है। उधर किसानों ने सिंचाई संसाधन के टूटने से सैंकड़ों एकड़ कृषि रकब मेंं हुए नुकसान का मुआयना देने की मांग सरकार से की है।
सिंचाई योजना को पक्का करने के कार्य की सिरे से जांच की मांग ः किसान और समाज सेवी संगठनों का कहना है कि सुदकैन नहर को पक्का करने का कार्य पिछले काफी समय से जारी है।
करोड़ों रुपये की योजना कार्य के मानदंडों को सिरे से जांचना जरूरी है। इसके निर्माण कार्य पर शुरू से ही सवाल उठ रहे हैं। शुरूआती चरण में ही तटबंध व बैड के विभिन्न स्थानों से धंसने और पुरानी सामग्री को इस्तेमाल करने के आरोप किसानों ने लगाए थे। इस संबंध में मुख्यमंत्री से जांच की मांग कर रखी है। अब देखना है कि सरकार योजना कार्य मेंं निगरानी के लिए किस प्रकार के प्रभावी कदम उठाता है।
उधर, सिंचाई विभाग एसडीओ सुमित कुमार ने कहा कि नहर को पक्का करने की योजना को निर्धारित मानदंडों के अनुरूप पूरा करवाया जाएगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होने दी जाएगी।