संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नए बस स्टैंड पर बने बस यात्रा के लिए पास बनाने वाली वेबसाइट बंद है। इस कारण पास बनाने वाले काउंटर पर पहुंचने वाले लोग भटक रहे हैं। यह समस्या पिछले करीब छह दिन से लगातार जारी है। इस वजह से विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों को बहुत दिक्कतें हो रही है।
वेबसाइट का सर्वर डाउन होने से यात्रियों के मासिक पास नहीं बन पा रहे है। ऑनलाइन भी पास नहीं मिल रहे हैं। वहीं, इससे पहले ही पिछले सप्ताह ही पास ब्रांच में पास बनाने वाले कर्मचारी का तबादला हो गया था। इसके बावजूद अभी तक उनके स्थान पर किसी कर्मचारी ने ड्यूटी ज्वाइन नहीं और बस पास बनवाने वाले यात्रियों को इधर-उधर
भटकना पड़ रहा है। हालांकि अब पास बनाने वाले कर्मचारी की जगह डिपो के अन्य कर्मचारियों को लगाया गया है।
अब वेबसाइट सर्वर डाउन की नई समस्या बन गई है। डिपो पर बड़ी संख्या में यात्री बस पास बनवाने के लिए मशक्कत करते दिखे। ऐसे में यात्रियों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है। डिपो के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले दो दिनों से तकनीकी खामी आई है। इसे दुरुस्त किया जा रहा है। जल्द ही चीजें सामान्य हो जाएंगी।
गौरतलब है कि जिले में रोजाना 20 से 25 हजार यात्री सफर करते हैं, जिनमें से सैंकड़ों ऐसे यात्री है, जो रोजाना बस पास के माध्यम से सफ़र करते है, ऐसे में अब जिनके पास रिन्यू होने है या नए बनवाने है उसने मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
पास करवाना था रिन्यू, हो नहीं पा रहा ः संजीव
सिरटा निवासी संजीव ने बताया कि वह रोजाना बस से ही सफर करते हैं, लेकिन पास की तीन दिन पहले ही पास की अंतिम तिथि समाप्त हो गई है। इतनी कमाई भी नहीं है, जितना रोजाना बस में सफर करने के लिए रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। डिपो कर्मचारियों से भी बात की, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। नरवाना निवासी दीपक ने बताया कि वह बीते दो दिन से बस पास बनाने के लिए भटक रहा हैं। उसे नरवाना से पिहोवा का बस पास बनवाना था | पहले नरवाना गया वहां से जवाब मिलने पर यहां आया था, लेकिन यहां भी पास नहीं बना। सुबह 10 बजे आ गए थे, लेकिन काफी देर बाद बताया कि सर्वर डाउन के चलते उनका बस पास नहीं बनेगा। अब निराश होकर लौटना पड़ रहा है
सर्वर डाउन होने से बस पास बनने में दिक्कत आ रही है। इसको लेकर मुख्यालय में पत्राचार किया गया है। जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा और उसके बाद पास बनाए जाएंगे। -कमलजीत चहल, महाप्रबंधक, कैथल