कैथल। एक फरवरी को केंद्र सरकार की ओर से आम बजट पेश किया जाएगा। इस बजट से देशभर के बुजुर्गों को खास उम्मीदें हैं। बढ़ती महंगाई, महंगे इलाज और सीमित आमदनी के कारण बुजुर्ग वर्ग सरकार से राहत की अपेक्षा कर रहा है। जिले के बुजुर्गों का कहना है कि इस बार के बजट में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर किया जाए और पेंशन से जुड़ी नई योजनाएं लागू की जाएं।
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्गों ने कहा कि दवाइयों और इलाज का खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाने और बुजुर्गों के लिए अलग से निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है। कई बुजुर्गों ने सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं की कमी की ओर भी ध्यान देने की गुहार लगाई। अब सभी की निगाहें एक फरवरी को पेश होने वाले बजट पर टिकी हैं। बुजुर्गों को उम्मीद है कि इस बार सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से सुनेगी और उन्हें राहत देने वाले प्रावधान बजट में शामिल किए जाएंगे।
सेक्टर 19 निवासी 68 वर्षीय सतबीर ने बताया कि बुजुर्गों की सबसे बड़ी परेशानी इलाज है। प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराना हर किसी के बस की बात नहीं। सरकार को चाहिए कि बुजुर्गों के लिए सरकारी अस्पतालों में विशेष काउंटर और मुफ्त जांच की सुविधा दे।
सेक्टर 20 के रहने वाले 72 वर्षीय ओम प्रकाश ने कहा कि बुजुर्ग पेंशन बहुत कम है। बढ़ती महंगाई में इससे घर का खर्च चलाना मुश्किल हो जाता है। बजट में पेंशन राशि बढ़ाई जानी चाहिए और समय पर भुगतान सुनिश्चित होना चाहिए।
महिलाओं में भी बजट को लेकर उम्मीदें नजर आईं। फ्रेंडस कॉलोनी की 65 वर्षीय सुमन देवी ने कहा कि बुजुर्ग महिलाओं के लिए स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी अलग योजनाएं बननी चाहिए। कई महिलाएं अकेली रहती हैं, उनके लिए विशेष सहायता जरूरी है।
छोटू राम चौक के पास रहने वाले 70 वर्षीय बुजुर्ग पालाराम का कहना है कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए टैक्स में और छूट दी जानी चाहिए जिससे उनकी बचत सुरक्षित रह सके।इसके साथ ही बुजुर्गों के लिए सस्ती दवाइयों की व्यवस्था और जनऔषधि केंद्रों की संख्या बढ़ाने की भी मांग की जा रही है।
बुजुर्ग ओम प्रकाश- फोटो : परचा बनवाने के लिए लाइन में खड़े मरीज।
बुजुर्ग ओम प्रकाश- फोटो : परचा बनवाने के लिए लाइन में खड़े मरीज।