संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका/कैथल। शंभू और दाता सिंह बॉर्डर पर किसानों से टकराव को रोकने के लिए जिले के संगतपुरा व टटियाना बॉर्डर पर बुधवार को पूरा दिन सुरक्षा कड़ी रही। इस दौरान अर्धसैनिक बलों की संख्या को बढ़ाया गया है। दोनों बॉर्डरों पर पहले सेना की जहां 11 टुकड़ियां लगाई गई थी, लेकिन अब यहां पर इन टुकड़ियों की संख्या को बढ़ाकर 16 कर दिया गया है।
हालांकि माहौल शांतिपूर्ण रहने की स्थिति में जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली। यहां पर भी सात से नौ चरणों में सुरक्षा की गई है। पंजाब से सटे टटियाना बॉर्डर पर करनाल मंडल के पुलिस महानिरीक्षक सतेंद्र गुप्ता व एसपी उपासना ने मोर्चा संभाल लिया।
प्रशासन नहीं बरतना चाहता कोताही ः
जिले में बेशक माहौल शांतिपूर्ण है, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा को काफी अधिक कड़ा किया गया है। इस माहौल में जिला प्रशासन बिल्कुल भी किसी प्रकार की कोई कोताही नहीं बरतना चाहता है। ऐसे में पिछले 10 दिन में प्रशासनिक अधिकारी बॉर्डर पर सौहार्दपूर्ण माहौल के लिए लगातार वहां पर भी डेरा जमाए बैठे हैं।
यहां पर पुलिस प्रशासन की ओर से करनाल मंडल के पुलिस महानिरीक्षक, एसपी उपासना, गुहला के डीएसपी कुलदीप बैनीवाल व जिला प्रशासन की ओर से डीसी प्रशांत पंवार, एडीसी सी जया श्रद्धा, गुहला के एसडीएम कृष्ण कुमार सहित अन्य अधिकारी भी बॉर्डर पर लगातार जुटे हुए हैं।
पुलिस व अर्धसैनिक बलों की रही पैनी नजर
किसानों के दिल्ली कूच के आह्वान को लेकर जिले के संगतपुरा व टटियाना बॉर्डर पर पहले दिन से ही पुलिस व अर्धसैनिक बलों की पैनी नजर है। इसके तहत बुधवार को भी पुलिस व अर्धसैनिक सतर्क रहे। हालांकि इस रास्ते पर बुधवार को भी पंजाब की तरफ से किसान नहीं पहुंचे।
गौरतलब है कि पिछली बार जिस समय किसानों ने दिल्ली कूच करना था, उस समय टटियाना बॉर्डर पर किसानों के पहुंचने का कोई आह्वान नहीं था। फिर भी पंजाब की तरफ से किसान इसी रास्ते से आगे बढ़ करनाल की तरफ गए थे। परंतु इस बार किसानों ने दिल्ली कूच के तहत संगतपुरा बॉर्डर और न ही टटियाना
बॉर्डर को चुना। इस बार केवल किसान खनौरी में दाता सिंह वाला बॉर्डर और अंबाला में शंभू बॉर्डर से ही आगे बढ़
रहे हैं।