संवाद न्यूज, एजेंसी
कैथल। यात्रियों और चालकों की सुरक्षा को लेकर रोडवेज विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को रोडवेज की 164 बसों में सीट बेल्ट लगा दी गई हैं। अब बिना सीट बेल्ट वाली कोई भी बस रूट पर नहीं दौड़ेगी। यदि कोई बस बिना सीट बेल्ट के रूट पर जाती पाई गई तो वर्कशॉप मैनेजर पर कार्रवाई की जाएगी।
महाप्रबंधक (जीएम) के आदेश पर यह व्यवस्था लागू की गई है। काफी समय से रोडवेज की अधिकतर पुरानी बसों में सीट बेल्ट नहीं लगी थी, जबकि नई बसों में पहले से यह सुविधा उपलब्ध थी। ऐसे में चालक बिना सीट बेल्ट के ही बसें चला रहे थे, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता था।
जानकारी के अनुसार, 90 पुरानी बसों में नई सीट बेल्ट लगाई गई है, जबकि करीब 20 बसों में पहले से लगी टूटी-फूटी सीट बेल्ट को ठीक किया गया है। वहीं, 54 बसों में पहले से ही सीट बेल्ट उपलब्ध थी।
कुछ समय पहले परिवहन मंत्री अनिल विज ने रोडवेज महाप्रबंधक को पत्र लिखकर सभी बसों में सीट बेल्ट अनिवार्य रूप से लगाने और चालक द्वारा रूट पर निकलने से पहले सीट बेल्ट पहनने के निर्देश दिए थे।
सीट बेल्ट न होने के कारण बसों में हादसों की आशंका बनी रहती थी। रोडवेज की एक बस में 52 सीटें होती हैं, जबकि कई बार यात्रियों की संख्या 70 से अधिक हो जाती है। अचानक ब्रेक लगने की स्थिति में यात्री आगे की ओर गिर जाते थे और चालक पर भी गिरने की घटनाएं सामने आती थीं। अब चालक के सीट बेल्ट पहनने से ऐसे हादसों में कमी आने की उम्मीद है। डिपो में वर्तमान में 330 चालकों के पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 241 चालक कार्यरत हैं। फिलहाल 89 पद रिक्त पड़े हैं।
यह होती है सीट बेल्ट ः सीट बेल्ट सुरक्षा उपकरण है। यह अचानक ब्रेक लगने या दुर्घटना की स्थिति में चालक और यात्रियों को आगे उछलने या वाहन से बाहर गिरने से रोकती है। इससे गंभीर चोटों और मौत के खतरे में कमी आती है।चालक सीट के पास लगाई जाने वाली सीट बेल्ट कमर और कंधे दोनों हिस्सों को सुरक्षित करती है। आधुनिक बसों में यह अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करती है।
अब हरियाणा रोडवेज बसों के चालकों को रूट पर निकलने से पहले सीट बेल्ट की जांच करनी होगी। यदि सीट बेल्ट में कोई खराबी है तो उसे तुरंत ठीक करवाना होगा। बिना सीट बेल्ट के कोई भी बस वर्कशॉप या बस अड्डे से बाहर नहीं निकल सकेगी। बूथ पर तैनात अधिकारी चालक की सीट बेल्ट की जांच करेगा। रास्ते में भी चेकिंग की जाएगी।
यात्री भी बोले- सीट बेल्ट लगाना बेहतर
यात्रियों राजेश, मनोज और सुरमा सिंह ने बताया कि बसों में सीट बेल्ट लगाना बेहद जरूरी था। इससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी और चालक सुरक्षित तरीके से बस चला सकेंगे। उन्होंने कहा कि विभाग का यह फैसला सराहनीय है। पहले चालक बिना सीट बेल्ट के ही बस दौड़ा लेते थे, जिससे जोखिम बना रहता था।
जीएम कमलजीत सिंह के आदेश पर अब सभी चालकों के लिए सीट बेल्ट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। लगभग सभी बसों की सीट बेल्ट ठीक कर दी गई हैं। यदि किसी बस में सीट बेल्ट खराब है तो चालक रूट पर जाने से पहले उसे ठीक करवा सकता है। -अनिल कुमार, रोडवेज वर्कशॉप मैनेजर