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आज खुलेंगे कक्षा नौ से बारह तक के स्कूल

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करीब तीन माह से ज्यादा समय बाद शुक्रवार को जिले में कक्षा नौवीं से 12वीं तक के स्कूल कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच खोले जाएंगे। बच्चों को स्कूलों में बुलाने से पहले विभाग ने कोरोना से बचाव के सभी प्रबंधों को पुख्ता करने का दावा किया है। स्कूलों को सैनिटाइज करने के साथ-साथ अन्य प्रबंधों को मजबूती दी जा रही है। जिस प्रकार कोरोना महामारी की संभावित तीसरी लहर में बच्चों को खतरा ज्यादा बताया जा रहा है, उसको देखते हुए शिक्षा विभाग की ओर से कक्षाओं में विद्यार्थियों के बैठने से लेकर उनकी स्कूल में प्रवेश करवाने और छुट्टी के बाद बाहर जाने के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं करने के निर्देश जारी किए हैं।
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अभिभावकों से बच्चों को स्कूल में भेजने की अनुमति के बाद एक दिन में केवल 50 प्रतिशत बच्चों की कक्षाएं लगाई जाएंगी। बाकी 50 प्रतिशत बच्चों को दूसरे दिन बुलाया जाएगा। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी आदेशों के बाद सभी स्कूलों में बच्चों की देखरेख के लिए कमेटियां बनाई गई हैं। ये कमेटियां ही इस बात का ध्यान रखेंगी कि स्कूलों में बच्चों द्वारा नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं। बच्चों के कक्षाओं में बैठने के लिए भी केवल एक ही स्थान होगा। जिस बेंच पर बच्चा पहले दिन जाकर बैठेगा, उसी पर रोजाना बैठना होगा। अगर बच्चा घर से खाने या पीने की कोई चीज अपने साथ लेकर आता है तो उसे दूसरे बच्चों के साथ बांटने की अनुमति नहीं है। असल तो बच्चे घर से ही पानी की बोतल लेकर आएंगे, लेकिन अगर पानी खत्म हो जाता है तो बच्चे को बोतल भरने की अनुमति होगी।
जिन शिक्षकों ने कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन की दोनों डोज लगवा ली हैं। वे ही बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूलों में आएंगे। स्कूल में प्रवेश करते ही बच्चों व शिक्षकों की थर्मल स्कैनिंग की जाएगी। बच्चों को मास्क, सैनिटाइजर व साबुन स्कूलों में ही उपलब्ध करवाए जाएंगे। अगर कक्षा लगाने के लिए किसी कमरे में स्थान कम पड़ता है तो बच्चों को बरामदे या फिर खुले स्थान पर बैठाया जाएगा। बच्चों के प्रवेश व निकास के लिए स्कूल के मुख्य द्वार को दो भागों में बांटा गया है।
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जिला शिक्षा अधिकारी अनिल शर्मा ने बताया कि स्कूल खोलने से पूर्व विभाग ने बच्चों की सुरक्षा के सभी प्रबंध पुख्ता कर लिए हैं। विभाग की टीमें समय-समय पर स्कूलों में जाकर जांच करेंगी। उन्होंने बताया कि सभी स्कूलों के मुख्य शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र के मोबाइल नंबर भी नोट करके रखें ताकि जरूरत पड़ने पर स्वास्थ्य विभाग से तुरंत सहयोग लिया जा सके।
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