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स्कूल बंद करने पर संचालक और सरकार आमने-सामने

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माई सिटी रिपोर्टर
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कैथल। निजी स्कूल संचालकों ने सरकार के कक्षा एक से आठवीं तक स्कूलों को 30 अप्रैल तक बंद करने के निर्णय का विरोध किया है। जिले में निजी स्कूलों के दो संगठनों की शनिवार को अलग-अलग बैठकें हुईं। दोनों संगठनों ने फैसला लिया कि वे सोमवार से स्कूल खोलेंगे। शांतिपूर्वक बच्चों को पढ़ाने के लिए यदि सरकार उन्हें सजा देती है तो वे तैयार हैं। एक संगठन पदाधिकारियों ने राज्यमंत्री कमेलश ढांडा से मिलकर अपनी समस्या भी रखी और स्कूल बंद करने की बजाए अन्य विकल्पों पर विचार-विमर्श की अपील की।
निजी स्कूल संघ की बैठक प्रदेश उपाध्यक्ष जोगिंद्र ढूल की अध्यक्षता में हुई। विशेष अतिथि के रूप में प्रदेश संरक्षक रविभूषण गर्ग एवं जिला प्रधान कुलदीप पूनिया सहित अन्य स्कूल संचालक मौजूद रहे। संरक्षक रविभूषण गर्ग एवं जोगिंद्र ढुल ने कहा स्कूल संचालक बच्चों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह वचनबद्ध हैं। पिछला एक वर्ष ऐसा था, जिसमें बच्चों का शैक्षणिक आधार पूरी तरह ध्वस्त हो गया। अब फिर स्कूलों को बंद करके युवा पीढ़ी को अनपढ़ बनाने की तैयारी है। उन्होंने कहा की आज बच्चों के अभिभावकों में डर का माहौल है। क्योंकि उन्हें अपने बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है।
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जिला चेयरमैन कुलदीप पूनिया ने कहा की सरकार का निर्णय बच्चों, अभिभावकों, स्कूल स्टाफ एवं संचालकों के हित में नहीं है। प्रवीन प्रजापति ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया की स्कूलों को बंद न किया जाए। कृष्ण सैनी और महेंद्र कुमार ने कहा अगर स्कूल को एक बार फिर बंद किया जायेगा तो संचालक सड़कों पर आ जाएंगे। सोमवार से स्कूल खोले जाएंगे। बैठक का संचालन महामंत्री गौतम बंसल ने किया। इस अवसर पर राजेंद्र ढुल, रमेश ढिल्लों, हरपाल ढांडा, संजय रविश, दर्शन मौन, धर्मवीर शास्त्री, रामपाल, संजीव कुमार, मंगत शर्मा, मंगल बरो, खुशी राम, हरी ओम, कुनाल अरोड़ा, अशोक अरोड़ा, पवन सेगा, बलजीत मौनं, रामनिवास, रमेश ढिल्लो, वीरेंद्र कसान, अंग्रेज सिंह, शलिंद्र सहारन, सतबीर सहारन, रमेश दयोरा सहित अनेक संचालक मौजूद थे
प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन ने की राज्यमंत्री से मुलाकात
कैथल। प्राइवेट स्कूल वेल्फेयर एसोसिएशन माइलस्टोन स्कूल में बैठक प्रधान परमानंद गोयल की अध्यक्षता में हुई। इसमें जिला चेयरमैन बलविंद्र संधू, प्रदेश महासचिव डा. वरुण जैन, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य महीपाल कौशिक, राजेश मुंजाल, जिला उपाध्यक्ष संजीव शर्मा, जिला महासचिव हरपाल आर्य सहित करीब सौ से अधिक स्कूल संचालकों ने हिस्सा लिया।
बैठक में सामूहिक निर्णय लिया कि बच्चों के भविष्य को लेकर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। एक पूरी पीढ़ी के बर्बाद होने का खतरा बना हुआ है। लॉकडाउन करना समस्याओं का समाधान नहीं हैं। सरकार को चाहिए कि इवन व ऑड करके स्कूल खोले या शिफ्टों में स्कूल खोलें। पूर्णतया स्कूल बंद करना अव्यवहारिक निर्णय है।
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घरों में रहकर बच्चों का विकास प्रभावित हो रहा है। स्कूल संचालकों ने कहा कि वे सरकार से कोई टकराव नहीं चाहते, लेकिन यदि सरकार बच्चों को पढ़ाने के लिए कोई सजा देना चाहती है, तो वे तैयार हैं। बैठक के बाद राज्यमंत्री कमेलश ढांडा से मिले और अपनी समस्या बताई और कहा कि 30 अप्रैल तक स्कूल बंद करने का निर्णय शिक्षा के क्षेत्र को बर्बाद कर देगा। इससे बेरोजगारी बढ़ेगी। वह सोमवार से स्कूल खोलेंगे। स्कूल बंद नहीं किए जाएंगे।
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