संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। यदि मिड डे मील की सामग्री की आपूर्ति में देरी होती है तो सरकारी स्कूलों के मुखिया अपने स्तर पर खुले बाजार से आवश्यक सामग्री खरीद सकेंगे। इस संबंध में शिक्षा निदेशालय की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं। हालांकि यह व्यवस्था केवल मई माह के लिए है।
जारी आदेशों में कहा गया है कि यदि हरियाणा एग्रो की ओर से निर्धारित समय पर विद्यालयों में कुकिंग सामग्री उपलब्ध नहीं करवाई जाती और स्कूलों में राशन समाप्त हो जाता है, तो ऐसी स्थिति में विद्यालय मुखिया अपने स्तर पर बाजार से सामग्री खरीद सकेंगे, ताकि विद्यार्थियों के भोजन पर कोई असर न पड़े।
जिले में कुल 443 सरकारी स्कूल संचालित हैं, जिनमें करीब 59 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। निर्देशों के अनुसार स्कूल प्रमुख साप्ताहिक रेसिपी के आधार पर एक सप्ताह की आवश्यकता के अनुसार दाल, मसाले और अन्य जरूरी कुकिंग सामग्री खरीदकर मिड डे मील तैयार करवाएंगे।
आपूर्ति सामान्य होते ही बंद होगी बाजार से खरीद
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही हरियाणा एग्रो की ओर से नियमित रूप से कुकिंग सामग्री की आपूर्ति शुरू हो जाएगी, खुले बाजार से खरीद की व्यवस्था स्वतः बंद कर दी जाएगी। सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
वहीं, शिक्षा विभाग ने हरियाणा एग्रो इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेशन लिमिटेड को भी पत्र जारी कर विद्यालयों में कुकिंग मेटिरियल की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विभाग के अनुसार कई जिलों से शिकायतें मिली थीं कि समय पर सामग्री नहीं पहुंचने के कारण मिड डे मील योजना प्रभावित होने लगी थी। शिक्षा विभाग के इस निर्णय से विद्यार्थियों के भोजन पर संकट टल गया है।
मौसम के अनुसार बदलती है डाइट
सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को निर्धारित मासिक शेड्यूल के अनुसार मिड डे मील उपलब्ध कराया जाता है। विद्यार्थियों को प्रतिदिन अलग-अलग भोजन दिया जाता है तथा मौसम के अनुसार डाइट में बदलाव भी किया जाता है, ताकि बच्चों के पोषण स्तर का विशेष ध्यान रखा जा सके।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रमोद ने बताया कि जिले के सभी सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को तय शेड्यूल के अनुसार भोजन दिया जाता है और बच्चों के खाने में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाती।