कॉलेजों में अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों की हाजिरी अब बायोमैट्रिक मशीन से लगेगी। मशीन से लगने वाली हाजिरी के आधार पर ही विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति का फैसला होगा। इस संबंध में कल्याण विभाग के निदेशक ने सभी कॉलेजों में पत्र जारी किए हैं।
उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को कल्याण विभाग द्वारा छात्रवृत्ति दी जाती है। अलग-अलग कक्षाओं के लिए अलग-अलग राशि छात्रवृत्ति के तौर पर दी जाती है। कॉलेजों में हाजिरी सुनिश्चित करने के लिए ही बायोमैट्रिक मशीन से हाजिरी लगवाए जाने का फैसला लिया गया है।
विभाग द्वारा जारी किए गए निर्देशों के अनुसार विद्यार्थियों को सुबह व छुट्टी के समय मशीन से अंगूठा लगाना होगा। मशीन में 50 प्रतिशत से कम हाजिरी पाए जाने पर छात्रवृत्ति नहीं दी जाएगी। बताया जा रहा है कि कुछ विद्यार्थी कॉलेजों में दाखिला लेकर कक्षाएं नहीं लगाते थे लेकिन छात्रवृत्ति ले लेते थे। इस प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए यह फैसला लिया है।
हरियाणा कॉलेज टीचर एसोसिएशन महासचिव राजेंद्र ढुल ने कहा कि सरकार का यह सराहनीय कदम है। मशीन हाजिरी लगने से जहां छात्रवृत्ति मिलने में पारदर्शिता आएगी वहीं कॉलेज में विद्यार्थियों आना भी सुनिश्चित होगा।
सरकार के निर्देशानुसार सभी शिक्षण संस्थानों को बायोमैटिक मशीन लगाने के आदेश जारी किए हैं। अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों की हाजिरी का रिकार्ड देखकर ही छात्रवृत्ति जारी की जाएगी।
बलवान सिंह, जिला कल्याण अधिकारी