संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के गांव बालू की बिढ़ाण पट्टी में पक्की सड़कें और गलियां तोड़ने पर ग्रामीणों में रोष है। गुरदेव सिंह व अन्य ग्रामीणों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और जिला उपायुक्त को लिखित शिकायत भेजकर सरपंच व उसके प्रतिनिधि और उनके करीबियों पर नियमों को ताक पर रखकर काम करने के आरोप लगाए हैं।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि किसी उच्च अधिकारी की अनुमति और ग्रामीणों की सहमति के बिना ही निजी स्वार्थ के लिए पाइपलाइन बिछाने के नाम पर गांव में तोड़फोड़ की गई है, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। इसके अलावा सड़काें की खुदाई से निकली सरकारी मिट्टी को अवैध रूप से बेचने और विरोध करने पर ग्रामीणों को झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने के भी आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पहले से ही जल निकासी के लिए सुचारू पाइपलाइन व्यवस्था मौजूद है। ऐसे में इस नई पाइपलाइन की कोई जरूरत नहीं थी।
शिकायत में आशंका जताई गई है कि आरोपी अधिकारी-कर्मचारियों की मिलीभगत से पिछली तारीखों में झूठी अनुमति रिपोर्ट तैयार करवा सकते हैं, ताकि कम काम को ज्यादा दिखाकर सरकारी पैसे का गबन किया जा सके। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और डीसी से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए।
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निराधार व तथ्यहीन हैं आरोप : सरपंच
सरपंच मीना रानी व प्रतिनिधि साहिल ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने बताया कि गांव के तीन तालाबों में अक्सर ओवरफ्लो होने की समस्या बनी रहती थी, जिससे गंदा पानी घरों में घुस जाता था। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए संत रामपाल ने पाइप उपलब्ध करवाए थे, जिसके बाद ग्राम पंचायत ने प्रस्ताव पास करके पाइप डालने की व्यवस्था की है।
पाइप दबाने के लिए उखाड़ी गई गली। स्वयं