संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। शहीद गिरधारी लाल राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में संस्कृत भारती के तत्वावधान में सोमवार से 10 दिवसीय संस्कृत संभाषण शिविर का शुभारंभ हुआ। इस शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों में संस्कृत भाषा के प्रति रुचि जागृत करना और उन्हें संस्कृत में वार्तालाप व संवाद करने में दक्ष बनाना है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कुसुम लता ने दीप प्रज्वलन कर शिविर का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में उन्होंने संस्कृत को भारतीय संस्कृति की आत्मा बताते हुए इसके व्यापक पुनर्जागरण की आवश्यकता पर बल दिया।
महर्षि वाल्मीकि विश्वविद्यालय से पधारे डॉ. प्रवीण कुमार एवं कुमारी शीतल ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारत की गौरवशाली ज्ञान परंपरा का मूल स्रोत है।
शिविर की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए उन्होंने बताया कि आगामी दस दिनों में छात्रों को संस्कृत में संवाद, व्यवहारिक प्रशिक्षण, वाद-विवाद, संवाद निर्माण तथा अनुवाद आदि की विधिवत शिक्षा दी जाएगी।
शिविर की संयोजिका डॉ. ज्योति लता ने बताया कि इस पहल के माध्यम से छात्र न केवल संस्कृत बोलना सीखेंगे, बल्कि इससे जुड़े सांस्कृतिक मूल्यों को भी आत्मसात करेंगे। उन्होंने आयोजन में सहयोग देने वाले समस्त शिक्षकों एवं स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया।
शिविर के प्रथम दिवस पर शैलेंद्र राणा, बहादुर सिंह, कपिल, सुरेश, मंजू, ममता, सुरेंद्र कमल सहित अनेक शिक्षक एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य सुदर्शन शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि समापन पर विशेष समारोह में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।