संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल से मंगलवार को सांस अभियान की शुरुआत की गई। शुभारंभ सिविल सर्जन डा. रेणु चावला ने किया। डॉ. चावला ने बताया कि निमोनिया के कारण बच्चों की होने वाली मृत्यु को कम करने के उद्देश्य से हरियाणा सरकार की ओर से सांस अभियान 28 फरवरी 2024 तक चलाया जा रहा है।
इस अभियान के दौरान आशा कर्मचारी घर-घर जाकर 0 से 05 वर्ष तक बच्चों की स्क्रीनिंग करेंगी तथा संदिग्ध बच्चों को पड़ताल करके उन्हें उचित इलाज के लिए उच्च अस्पताल में रेफर किया जाएगा। सभी सरकारी अस्पतालों में निमोनिया के मरीजों की विशेष देखभाल की जाएगी। उन्होंने बताया कि जन्म से लेकर 05 वर्ष तक बच्चों की होने वाली मृत्यु में निमोनिया मुख्य कारण है, जिसे टीकाकरण के द्वारा काफी हद तक कम किया जा सकता है।
निमोनिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग में पीसीवी से टीकाकरण किया जा रहा है। निमोनिया रोधक पीसीवी इंजेक्शन की पहली डोज डेढ़ माह पर, दूसरी डोज साढ़े तीन माह पर तथा बूस्टर डोज नौ माह पर लगाया जाता है। आशा कर्मचारी घर-घर जाकर पीसीवी टीकाकरण से छूटे बच्चों की सूची तैयार कर उनका टीकाकरण कराएंगी और निमोनिया के लक्षणों व उसके घरेलू उपचार बारे भी बताएंगी।
उन्होंने जिला वासियों से अपील की गई कि यह जन्म से लेकर 05 वर्ष तक के बच्चों के अभिभावक सर्दी के मौसम में अपने बच्चों का विशेष ध्यान रखें, निर्धारित समय पर निमोनिया रोधक पीसीवी टीकाकरण करवाएं तथा निमोनिया के लक्षण होंने पर तुरंत चिकित्सीय सहायता के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नवराज सिंह ने बताया कि निमोनिया के मुख्य लक्षण बच्चों द्वारा खाना पीना न कर पाना, तेज बुखार, सांस लेते समय छाती का नीचे धंसना, खांसी और जुकाम का बढ़ना, तेज सांस, झटके आना, सुस्ती व अधिक नींद आना होते हैं। इस अवसर पर डॉ. सचिन मांडले, डॉ. अनिल अग्रवाल, डॉ. नवराज सिंह, डॉ. हिमांशु बंसल आदि उपस्थित रहे।