बैठक में मौजूद एसकेयू प्रदेश समिति सदस्य कुलदीप। विज्ञप्ति
कलायत। हरियाणा सरकार और सफाई कर्मचारियों के बीच हुए समझौते को सफाई कामगार यूनियन हरियाणा ने लॉलीपॉप बताया है। यूनियन के राज्य समिति सदस्य कुलदीप ने कलायत नगर पालिका में सफाई कर्मचारियों की बैठक लेकर समझौते की शर्तों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 37 दिन चली हड़ताल समझौते के बाद समाप्त हो गई थी लेकिन बड़ी संख्या में कर्मचारी इससे संतुष्ट नहीं हैं।
कुलदीप ने कहा कि कर्मचारियों की मुख्य मांग उन्हें नियमित करने की थी। सरकार ने इस मांग को मानने के बजाय केवल पे-रोल पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी है। उनके अनुसार प्रदेश में सरकार की ओर से ठेके पर रखे गए करीब 13,093 कर्मचारी हैं जबकि नगर निकायों में करीब 6,800 पद ही रिक्त हैं। ऐसे में सभी कर्मचारियों के नियमित होने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि 6800 पदों पर भी पहले विज्ञापन जारी किए जाएंगे और भर्ती के लिए मापदंड तय किए जाएंगे। यूनियन का आरोप है कि लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों के लिए नए मापदंड तय करने से कई कर्मचारी नियमित होने से वंचित रह सकते हैं।
आउटसोर्स और डोर-टू-डोर कर्मचारियों के लिए भी जताई नाराजगी
कुलदीप ने कहा कि आउटसोर्सिंग और डोर-टू-डोर सफाई कर्मचारियों को नियमित करने के दायरे से बाहर रखा गया है। उन्होंने सरकार के इस रुख पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सफाई कामगार यूनियन कर्मचारियों से दोबारा आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान करेगी। बैठक में डोर-टू-डोर प्रधान दिलबाग सहित सतीश, अनमोल, कृष्ण, अजय, सुनील, रामनिवास, मोनू मचल और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
बैठक में मौजूद एसकेयू प्रदेश समिति सदस्य कुलदीप। विज्ञप्ति