संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कलायत में एक बार फिर से डोर टू डोर एजेंसी पर खुद उनके ही सफाई कर्मचारियों ने गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी है। उनका कहना है कि कचरा ढुलाई कार्य करने के बाद भी एजेंसी ने 26 सफाई कर्मियों को बर्खास्तगी का डर दिखाते हुए अंतिम चेतावनी पत्र जारी कर दिया। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई। हालांकि बाद में आश्वासन पर वे ड्यूटी पर लौट गए।
इससे पूर्व कार्रवाई के खिलाफ भड़के सफाई कर्मियों ने वीरवार को नगर पालिका प्रधान अंकित जैलदार, सचिव पवन शर्मा और पार्षदों को मौजूदा स्थिति से अवगत करवाया। कर्मियों में सफाई एजेंसी के प्रति भारी गुस्सा था। कई कर्मी एजेंसी के जिम्मेवार अधिकारी-कर्मचारियों की ओर से किए जा रहे अभद्र व्यवहार की बात कहकर फफक भी पड़े। दर्द बयान करते हुए कहा कि आखिरकार सफाई कर्मी भी इंसान हैं।
सतीश कुमार, आकाश, अनमोल, मोनू और दूसरे कर्मियों ने बताया कि डोर टू डोर के तहत लगातार ड्यूटी दी जा रही है। हैरानी का विषय बिना सुरक्षित उपकरण व संसाधनों के खतरों से जूझते हुए सफाई का कार्य करने के बावजूद उन्हें गैर हाजिर दिखाया जा रहा है। यह हवाला देकर उनका मानदेय काटा जा रहा है। यह ठीक नहीं है।
डोर टू डोर सफाई एजेंसी की तरफ से जो नोटिस सफाई कर्मियों को भेजा गया उसमें ड्यूटी समय को पूरा न करने का उल्लेख है। इसमें यह बताया गया है कि कार्य को बीच में छोडक़र चले जाने के कारण गैर हाजिरी मार्क की गर्ई। इसके आधार पर ही कर्मियों को चेतावनी पत्र भेजा गया। एजेंसी संचालक नियम अनुसार सफाई कार्य को पूरा करते हुए कर्मियों को सुविधाएं प्रदान करने का दावा करते आए हैं।
उधर, नगर पालिका सचिव पवन शर्मा नेे बताया कि डोर टू डोर सफाई एजेंसी को निरंतर सरकार की नीति के अनुसार कार्य पूरा करने के निर्देश हैं। लापरवाही के संदर्भ में नोटिस भी जारी किए गए हैं। एजेंसी को जल्द से जल्द कचरा ट्रांसफर केंद्र से कचरा उठान और सुचारू रूप से शहर में सफाई कार्य पूरा करने को कहा गया है। सफाई कर्मियों द्वारा रखे गए पक्ष को सुनते हुए कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया।
जुगाड़ से चलाए जा रहे वाहन खटारा
सफाई कर्मियों ने कहा कि सेवा समाप्त करने और कार्रवाई का खौफ दिखाया जा रहा है जबकि खस्ता वाहनों के जरिये कचरा ढुलाई करवाई जा रही है। जुगाड़ के सहारे वाहनों को चलाया जा रहा है। वाहनों का बीमा, आरसी, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र और यातायात नियमों से संबंधित कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा। वाहनों के टूटे-फूटे उपकरणों को फट्टे-पुराने कपड़ों से बांधकर वाहनों को चलने के लायक बनाया जा रहा है। इसके अलावा गलब्ज व जूतों के बगैर कांच, प्लास्टिक आदि से कर्मी जख्मी हो रहे हैं।