कैथल। जिले में पिछले चार दिनों से पराली जलाने का कोई नया मामला नहीं आया है। इसके परिणाम स्वरूप अब वायु प्रदूषण के स्तर में भी स्थिरता देखी जा सकती है। हालांकि अभी भी ये 200 से ऊपर है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से 300 के करीब नहीं गया है। शुक्रवार को यह वायु गुणवत्ता सूचकांक 253 दर्ज किया गया।
नवंबर महीने में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा था। ऐसे में यह 300 से ऊपर भी पहुंच गया था। अब फिर वायु प्रदूषण का स्तर थोड़ा कम हुआ है। वहीं, जिले में अब पराली जलाने के मामले भी कम हो चुके हैं। पिछले कुछ हफ्तों से एक या दो मामले ही आ रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को भी खेतों में पराली जलाने का कोई नया मामला नहीं आया। पुलिस की ओर से भी जिले में कोई नई एफआईआर किसानों पर दर्ज नहीं की गई।
गौरतलब है कि पूरे जिले में अब 134 किसानों के खिलाफ कृषि विभाग की ओर से रेड एंट्री की गई है। वहीं, अभी तक पूरे जिले में 38 किसानों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसमें एक महिला किसान भी शामिल है। जिले में अब पराली जलाने के 194 मामले सामने आ चुके हैं, जो हरियाणा में सबसे अधिक है। इसमें से तीन लाख 35 हजार रुपये का जुर्माना भी किसानों पर लगाया गया है।
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. बाबू लाल ने बताया कि पराली न जलाने को लेकर किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में अब तक 134 किसानों की रेड एंट्री की गई है।
इसे पोर्टल पर भी चढ़ा दिया गया है। पराली जलाने के मामले में जिला प्रशासन की लगातार सख्ती है। बताया कि अभी तक करीब तीन लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया जा चुका है।