संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। मलेरिया व डेंगू के बचाव के लिए सिविल सर्जन डॉ. रेनू चावला ने स्वास्थ्य सुपरवाइजरों विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं। इनके तहत बचाव के लिए सैंपलिंग का कार्य बढ़ाने की हिदायत जारी की गई है।
सिविल सर्जन ने अधीनस्थोंं को निर्देश दिए हैं कि अब अप्रैल के अंत और मई की शुरूआत से गर्मी बढ़ेगी। ऐसे में शाम के समय मच्छरों का प्रकोप भी लगातार बढ़ेगा। ऐसे में सैंपलिंग अधिक से अधिक की जाए।
स्वास्थ्य विभाग ने अब तक 31 हजार से अधिक घरों का सर्वे कर 200 से अधिक सैंपल लिए हैं। हालांकि इन सभी सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव मिली है। इसके साथ ही विभाग ने डेंगू व मलेरिया के बचाव के लिए 28 रेपिड रिस्पांस टीमों का गठन किया गया है। जो अब लगातार बचाव के लिए कार्य कर रही हैं। अब तक जिले के सभी 500 से अधिक तालाबों में गंबूजियां मछली भी डाली जा चुकी हैं।
मलेरिया व डेंगू के बचाव के लिए कार्य शुरू कर दिया गया है। इस कार्य के तहत जिले में बनाई गई सभी रेपिड रिस्पांस टीमों ने अपना काम शुरू कर लिया है। पिछले छह साल से कैथल जिला मलेरिया मुक्त है। इस बार मलेरिया का कोई केस न मिले। इसके लिए वे लगातार कार्य कर रहे हैं। वहीं, डेंगू के संक्रमण कम करने के लिए कार्य किया जाएगा। -डॉ. रेनू चावला, सिविल सर्जन