संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत/गुहला-चीका। कलायत में प्राचीन कपिल मुनि धाम मार्ग पर स्थित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप चौक के जीर्णोद्धार के उपलक्ष्य में रविवार को विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को नमन कर मौके पर किए गए हवन में लोगों ने आहुतियां डालीं। उधर, गुहला चीका में दादा खेड़ा पर हवन के बाद भंडारा किया गया।
कलायत में कार्यक्रम की शुरुआत हवन से हुई। धार्मिक परंपराओं का निर्वहन श्री कपिल मुनि ज्योति एवं रत्न केंद्र के प्रमुख विशाल शांडिल्य ने किया।
आयोजन में धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों सहित 36 बिरादरी के लोगों ने भाग लिया। सभी ने महान योद्धा महाराणा प्रताप को नमन करते हुए उनके देश प्रेम और साहस के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान शोभायात्रा निकाली गई और भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों ने कहा कि वीरों के संघर्ष, त्याग और बलिदान से जुड़े स्थलों को सहेजना और विकसित करना अत्यंत आवश्यक है।
उधर, गुहला-चीका के दादा खेड़ा परिसर में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर चौधरी महेंद्र सिंह, खाद भंडार मंडी के संचालक, ने अपने पिता चौधरी महा सिंह के साथ मिलकर हवन यज्ञ कर विधिवत पूजा-अर्चना की और नगर की सुख-शांति की कामना की।
भंडारा शुरू करने से पूर्व महेंद्र सिंह व उनकी धर्मपत्नी ने कन्याओं को भोजन कराकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि पूजा-पाठ और भंडारे के आयोजन से जहां भगवान व देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है, वहीं हवन से वातावरण भी शुद्ध होता है, जो संपूर्ण मानव जाति के लिए कल्याणकारी है।
महेंद्र सिंह ने बताया कि वे समय-समय पर समाजहित में ऐसे कार्य करते रहते हैं। उन्होंने घोषणा की कि जल्द ही उनके द्वारा पौधारोपण अभियान शुरू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत अलग-अलग किस्मों के हजारों पौधे लगाए जाएंगे। भंडारे में लगभग चार हजार लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।