संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। राजौंद के पुंडरी चौक पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती श्रद्धा, उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाई गई। कार्यक्रम में विभिन्न बिरादरी के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के जीवन, उनके संघर्ष और अदम्य साहस को याद करते हुए उन्हें स्वाभिमान, त्याग और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बताया।
वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप ने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी हार नहीं मानी और मातृभूमि की रक्षा के लिए जीवनभर संघर्ष किया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे महाराणा प्रताप के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं और कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों तथा स्वाभिमान से समझौता न करें।
जलेबी भंडारे में उमड़ी भीड़ : कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण देशभक्ति और सम्मान की भावना से ओत-प्रोत रहा। इसके साथ ही जलेबी के भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
फरल में हवन यज्ञ और छबील का आयोजन
पूंडरी। फरल गांव में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती श्रद्धा, उत्साह और गौरव के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत महाराणा प्रताप की प्रतिमा के समक्ष हवन यज्ञ से हुई। इसके बाद राजपूत समाज के युवाओं ने सेवा भाव का परिचय देते हुए पूरे दिन मीठे पानी की छबील लगाई। भीषण गर्मी के बीच राहगीरों को ठंडा पानी पिलाकर मानव सेवा का संदेश दिया गया। युवाओं ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके शौर्य, त्याग और स्वाभिमान को नमन किया। वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप युवाओं के लिए राष्ट्रभक्ति और संघर्ष की प्रेरणा हैं। इस अवसर पर साहब सिंह राणा, प्रदीप राणा, मनजीत राणा, बीरबल राणा और देवव्रत राणा आदि मौजूद रहे। संवाद
स्वाभिमान के प्रतीक थे महाराणा प्रताप : जितेंद्र राणा
पूंडरी। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती पर पूर्व नगरपालिका पार्षद कोमल राणा के कार्यालय में श्रद्धापूर्वक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया गया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया। पूर्व पार्षद प्रतिनिधि जितेंद्र सिंह राणा ने कहा कि महाराणा प्रताप वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक थे। उनका जीवन अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने तथा सम्मान और संस्कृति की रक्षा की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को महाराणा प्रताप के जीवन से प्रेरणा लेना चाहिए। संवाद
पूंडरी में महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्प अर्पित करते समाज के लोग