संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कंपकपाती ठंड में तमाम लोग नहाने से कतरा रहे हैं लेकिन कलायत तीर्थ के विकास का स्वप्न लिए संत दीपक का हठ जारी है। हठयोग के 41वें अंतिम दिन शनिवार को वह 108 मटकों के पानी से स्नान करेंगे।
गौरतलब है कि एक दिसंबर 2024 से उन्होंने जलधारा तपस्या शुरू की थी। अल सुबह चार बजे वह जलधारा लेते हैं। शनिवार को 41वें दिन इस व्रत का समापन होगा। हठयोग के आखिरी दिन 108 मटकों से बाबा की जलधारा होगी।
बाबा दीपक ने बताया कि जलधारा संपूर्ण होने पर माई वाला डेरा में शनिवार को सुबह 10 बजे भंडारा होगा और रात्रि में विशाल जागरण का आयोजन होगा। अपने हठयोग के बारे में बाबा दीपक ने बताया कि कलायत में माईवाला डेरा एक ऐसा मंदिर है, जो से जीर्णशीर्ण हो चुका है। कपिल तीर्थ के किनारे स्थापित इस मंदिर में नंदी व शिवलिंग तक खंडित हो चुके हैं। इसके अलावा मंदिर के नीचे कपिल तीर्थ में ही बने महिला स्नान घाट ध्वस्त है। गंदगी का ढेर लगा हुआ है। इसकी सफाई के लिए वे स्वयं व सेवक अपने सिर पर तसलों को लेकर सफाई करते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कपिल तीर्थ के विकास के लिए वह यह तपस्या कर रहे हैंं। दरअसल, परिक्रमा मार्ग टूटने के साथ घाटों का हाल खराब है। तीर्थ का पानी गंदा है और उसकी निकासी का कोई प्रावधान नहीं है। मंदिर का गंदा पानी तीर्थ में ही आता है। उन्होंने कहा कि उनका यह हठयोग है कि वे इसके माध्यम से श्रद्धालुओं व कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड का ध्यान इन मंदिरों व तीर्थ की और ला सके।
सेवक भंवर सिंह, प्रीत जगदेवा, संदीप, संजीव ने बताया कि माईवाला डेरा एक जागृत धार्मिक स्थान है। बड़ी संख्या में महिलाएं यहां भजन-कीर्तन करती हैं। बाबा दीपक चाहते हैं कि इस तीर्थ का विकास हो। बाबा केवल लंगोट में ही रहते हैं तथा इसके अलावा शरीर पर कोई वस्त्र धारण नहीं करते करते। तीर्थ के विकास के लिए बाबा यह तपस्या कर रहे हैं।
-फोटो 58 : कार्यक्रम का शुभारंभ करते मुख्यातिथि डॉ. राजेश कुमार व साथ मौजूद प्राचार्य। स्रोत कॉ