कैथल। शहर में करीब 28 दिन से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जगह-जगह लगे कचरे के ढेरों को हटाने के लिए प्रशासन ने बुधवार को पुलिस सुरक्षा के बीच सफाई अभियान चलाया। नगर परिषद के ईओ संदीप सोलंकी के नेतृत्व में जेसीबी, डंपर और अन्य वाहनों की मदद से विभिन्न स्थानों से कचरे का उठान कराया गया। इस दौरान कचरा उठाने का विरोध करने पहुंचे करीब 15 से ज्यादा सफाई कर्मचारियों को पुलिस ने हिरासत में लेकर पुलिस लाइन पहुंचाया।
हालांकि बाद में इन्हें छोड़ दिया गया। प्रशासन की ओर से दिन के समय ढांड रोड, करनाल रोड और अंबाला रोड सहित अन्य स्थानों पर कचरा उठाने की कार्रवाई की गई। वहीं बुधवार शाम को भी भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच करनाल रोड, कुरुक्षेत्र रोड और अंबाला रोड से कचरे के ढेर हटाए गए। पुलिस की मौजूदगी में जेसीबी और डंपरों से कचरा उठाकर निर्धारित स्थानों पर भेजा गया।
ईओ संदीप सोलंकी ने बताया कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर में जमा कचरे को हटाने के लिए प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई की जा रही है। लोगों को गंदगी और संभावित बीमारियों से बचाने के लिए अलग-अलग कचरा प्वाइंटों से उठान कराया जा रहा है। अन्य क्षेत्रों में भी जल्द सफाई करवाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि कचरा उठाने का विरोध कर रहे कुछ कर्मचारियों ने वाहनों की हवा निकालने का प्रयास किया। पुलिस ने उन्हें मौके से हिरासत में लिया। ऐसे मामलों में विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ईओ ने शहरवासियों से अपील की कि घरों का कचरा खुले में न डालें और उसे डस्टबिन में एकत्रित कर कचरा उठाने वाले वाहनों में ही डालें।
समझौता लागू नहीं होने से कर्मचारियों में बढ़ रहा रोष
नगर पालिका कर्मचारी संघ और हरियाणा अग्निशमन कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि सफाई, सीवर और फायर कर्मचारियों की मांगों के लिए 13 मई को सरकार के साथ सहमति बनी थी लेकिन अभी तक समझौते से संबंधित परिपत्र जारी नहीं किए गए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार मांगों को पूरा करने के बजाय आंदोलन को कमजोर करने और दबाने का प्रयास कर रही है। कर्मचारियों ने कहा कि सफाई और सीवर कर्मचारी कठिन परिस्थितियों में काम करते हुए शहरों की सफाई व्यवस्था संभालते हैं। इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
कर्मचारियों ने आबादी और क्षेत्रफल के अनुसार स्थायी पद बढ़ाने, न्यूनतम वेतनमान लागू करने, लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने और बेहतर व सस्ती चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उठाई। पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार को 13 मई को हुए समझौते को लागू कर कर्मचारियों का भरोसा कायम करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इसके तहत मोहल्ला स्तर पर बैठकें करने के साथ सामाजिक संगठनों से भी आंदोलन में भागीदारी की अपील की जाएगी। कर्मचारियों ने सरकार से दमन की नीति छोड़कर बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की मांग की।
करनाल रोड से कचरा उठवाते हुए प्रशासन। संवाद
करनाल रोड से कचरा उठवाते हुए प्रशासन। संवाद
करनाल रोड से कचरा उठवाते हुए प्रशासन। संवाद