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आरटीआई से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को लेकर बड़ा खुलासा

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जिला आयुर्वेदिक विभाग में योग दिवस को लेकर महत्वपूर्ण रिकॉर्ड लापता है। इस संबंध में अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं करवाई गई है। आरोप है कि यहां खर्च में गड़बड़ी को छुपाने के लिए रिकॉर्ड को लापता किया गया है।
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आरटीआई एक्टिविस्ट जयपाल रसूलपुर का कहना है कि नौ महीने पहले जिला आयुर्वेदिक अधिकारी कैथल से आरटीआई के तहत 2015 से 2019 तक कैथल जिले में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के खर्च के बिलों से संबधित सूचना मांगी थी, जोकि उसे उपलब्ध नही करवाई गई। उसके बाद सूचना लेने के लिए आयुष विभाग के निदेशक को प्रथम अपील लगाई पर वहां पर चार महीनों तक सुनवाई नहीं की। फिर उसने जिला आयुर्वेदिक अधिकारी कैथल व आयुष निदेशक के विरुद्ध सूचना आयोग चंडीगढ़ में द्वितीय अपील लगाई है। सूचना आयोग से नोटिस आने के बाद अब सूचना उपलब्ध करवाई है। जिसमें साफ-साफ लिखा है कि जिला आयुर्वेदिक कार्यालय में 21 जून 2015 व 21 जून 2016 तथा 21 जून 2018 में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। जयपाल ने बताया की यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी उसके अधीन रिकॉर्ड को गुम कर देता है तो उस अधिकारी के विरुद्ध पब्लिक रिकॉर्ड एक्ट-1993 की धारा 9 के तहत 5 साल की सजा और 10 हजार रुपये के जुर्माने का है प्रावधान है।
जयपाल ने पुलिस को शिकायत में आरोप लगाया है की आयुष विभाग कार्यालय के संबधित अधिकारी व कर्मचारियों ने जानबूझकर योग दिवस का रिकॉर्ड गुम किया है आयोजनों में लाखों रुपयों का गोलमाल हो सकता है
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